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विकास-यात्रा (Achievements)
सहकारिता विभाग की महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां

 

 

 

बजट 2016-2017
बजट भाषण में सहकारिता से संबंधित मूल अंश
103; वर्ष 2016-17 किसानों को फसली ऋण योजना के तहत सहकारी बैंकों के माध्‍यम से फसली ऋण्‍ उपलब्‍ध करवाने के लिए केन्‍द्रीय सहकारी बैंक को अनुदान राशि उपलब्‍ध करवायी जाएगी। रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा निर्धारित नार्मस की पूर्ति हेतु राज्‍य के तीन बैंक- चुरू, कोटा व टोंक को 6 करोड 91 लाख रूपए राज्‍य सरकार की अंशपूजी के रूप में तथा 36 करोड 98 लाख रूपए अनुदान के रूप में दिया जाना प्रस्‍तावित है, जिससे की इन बैंकों द्वारा निर्धारित केपिटल रिस्‍क एसेटस रेसियो (सीआएआर) संधारित की जा सके। तीन बैंकों की सीआरएआर एवं फसली ऋण योजना हेतु कुल 370 करोड रूपए का प्रावधान प्रस्‍तावित है। इसके साथ ही सहकारी बैंकों को कंपेंसेटरी इंट्रेस्‍ट अनुदान हेतु 150 करोड रूपए उपलब्‍ध कराए जाएंगे।
104 वर्ष 2015-16 के बजट में मैंने राजस्‍थान राज्‍य सहकारी भूमि विकास बैंक के माध्‍यम से दीर्घकालीन कृषि ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्‍याज अनुदान दिए जाने का उल्‍लेख किया था। अब मैं घोषणा करती हूं कि केन्‍द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा संचालित सहकार किसान कल्‍याण योजना के तहत 2 प्रतिशत ब्‍याज अनुदान दिया जाना प्रस्‍तावित है। इस हेतु आगामी वर्ष में 20 करोड रूपए का प्रावधान किया जा रहा है।
105 नवगठित 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं लेम्‍प्‍स में 100 मैट्रिक टन क्षमता का गोदाम एवं कार्यालय भवन निर्माण हेतु प्रति समिति 10 लाख रूपए की दर से 10 करोड रूपए उपलब्‍ध करवाये जाएंगे।

सहकारिता मंत्री महोदय की प्रमुख घोषणाएं

    • दुर्घटना बीमा योजना में असामयिक मृत्‍यु पर अब 5 लाख रूपए का बीमा लाभ
    • सहकार किसान कल्‍याण्‍ योजना 2 प्रतिशत ब्‍याज अनुदान
    • पायलट बेसिस पर जयपुर में पेंशनर्स को दवाओं की होम डिलीवरी
    • किसानों को 5 लाख तक की साख सीमा
    • फसली ऋण पर हिस्‍सा राशि 9 प्रतिशत से कम कर 8 प्रतिशत की
    • सभी 29 सीसीबी की वेबसाइट बनेगी
    • प्रत्‍येक तिले में दो-दो ग्राम सेवा सहकारी समितियों में नए मिनी सुपर मार्केट
    • एसएमएस में सुपर मार्केट व केन्‍टीन
    • जिला, सेटेलाइट, सीएससी में सहकारी दवा बिक्री केन्‍द्र आरंभ कर स्‍थानीय युवाओं को रोजगार
    • जयपुर, जोधपुर, कोटा व अजमेर में ऑनलाईन शॉपिंग
    • राजफैड में ऑर्गेनिक फार्मिग को बढावा देने के लिए अलग से प्रकोष्‍ठ का गठन
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    प्रमुख उपलब्धियां

    सहकारिता विभाग ने राज्य सरकार की इस वर्ष की सहकारिता से संबंधित बजट घोषणाओं को अमली जामा पहनाना शुरु कर दिया है। इसके साथ ही सहकारी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस प्रयास आरंभ किए गए हैं।

    किसानों को ब्याजमुक्त फसली सहकारी ऋण

    बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित काश्तकारों को राज्य सरकार ने एक और बड़ी राहत देते हुए सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को खरीफ की फसल के लिए ऋण वितरण शुरु कर दिया है। सामान्यतः खरीफ फसल के लिए जून-जुलाई में किसानों की ऋण की मांग होती है पर इस बार सहकारिता विभाग द्वारा किसानों के हित में बड़ा फैसला करते हुए ऋण वितरण तत्काल शुरु कराने का निर्णय किया है ताकि काश्तकार प्री मानसून या मानसूनी वर्षा के आते ही खेती के कार्य में जुट सके। सहकारी बैंकों द्वारा 23 मई तक ही 8 लाख से अधिक काश्तकारों को 3110 करोड़ रुपए से अधिक के ब्याजमुक्त फसली सहकारी ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष 20 प्रतिशत नए काश्तकारों को फसली सहकारी ऋण वितरण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। समय पर ऋण चुकाने वाले काश्तकारों को शून्य ब्याजदर पर फसली सहकारी ऋण वितरित हो रहे हैं। इस वर्ष खरीफ और रबी में काश्तकारों को 17,500 करोड़ रुपए के फसली सहकारी ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2014-15 में 29 लाख काश्तकारों को 16,016 करोड़ रुपए के फसली सहकारी ऋण वितरित किए गए थे। खरीफ में 30 अगस्त तक एवं रबी के लिए एक सितबंर से 31 मार्च तक के लिए फसली ऋण दिए जाते हैं।

    राज्य में 29 केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 6 हजार से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से समिति के सदस्य किसानों को फसली सहकारी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। काश्तकारों को उनकी स्वीकृत साख सीमा तक सहकारी किसान के्रडिट कार्ड के माध्यम से फसली सहकारी ऋण वितरित किया जाता है।

    पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान

    राज्य के सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए वितरित दीर्घकालीन सहकारी ऋणों के ब्याज पर राज्य सरकार द्वारा पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान देने के निर्देश जारी कर दिए है। राज्य के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों द्वारा काश्तकारों को 12.8 प्रतिशत तक ब्याज दर पर दीर्घकालीन सहकारी ऋण उपलब्ध कराए जाते थे जो अब 8.5 प्रतिशत तक पर उपलब्ध हो सकेंगे। बैंकों द्वारा ऋणी काश्तकारों से ऋण चुकारे के समय पांच प्रतिशत कम ब्याज वसूला जाएगा जिसकी भरपाई राज्य सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से की जाएगी। इस वर्ष राज्य में किसानों को 320 करोड़ रुपए के दीर्घकालीन सहकारी ऋण वितरण का कार्यक्रम बनाया गया है।

    राज्य के 36 सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से काश्तकारों को लघु सिंचाई साधनों में नया कुआ बनाने , कुआ गहरा कराने , नलकूप , पम्पसैट , फव्वारा व बूंद-बूंद सिंचाई , कुएं पर विद्युतीकरण , नाली निर्माण , हौज व डिग्गी निर्माण आदि के लिए ऋण दिया जाता है। इसके साथ ही कृषि यंतर््ीकरण में ट्रेक्टर , थ्रेसर , कम्बाईन हार्बेस्टर के साथ ही डेयरी , भूमि सुधार , भूमि समतलीकरण , खेती के लिए जमीन खरीदने , ग्रामीण गोदाम निर्माण , वर्मी कम्पोस्ट , भेड़-बकरी-सुअर-मुर्गी पालन , बागवानी और ऊंट व बैलगाड़ी आदि के लिए सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण प्राप्त करने वालेे किसान लाभान्वित हो सकेंगे।

    गोदामों का निर्माण व मरम्मत

    राज्य में इस वित्तीय वर्ष में 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को कार्यालय व गोदाम निर्माण हेतु 10-10 लाख रुपए प्रतिसमिति उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें एकरुपता के लिए लेआउट डिजाइन विभाग द्वारा जारी किया जा चुका है। इसके लिए 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियोें का चयन का कार्य आरंभ कर दिया गया है। इसी तरह से 10 करोड़ की लागत से जीर्ण-शीर्ण गोदामों की मरम्मत की घोषणा के क्रियान्वयन में जिलों से मरम्मत योग्य गोदामों के प्रस्ताव सहकारिता विभाग स्तर पर मंगवाए जा रहे हैं।

    राज्य में इस समय सहकारी क्षेत्र में 7953 गोदामों की 8 लाख 75 हजार टन भण्डारण क्षमता है। गांव में ही किसानों के लिए खाद-बीज का अग्रिम भण्डारण , कृषि उपज की खरीद कर भण्डारण और उपभोक्ता सामग्री के वितरण के लिए भण्डारण क्षमता का योजनावद्ध तरीके से विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार की बजटीय सहायता से वर्ष 2014-15 में 10 करोड़ रुपए की लागत से 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में एक लाख टन भण्डारण क्षमता के गोदामों का निर्माण जारी है। इसके साथ ही समग्र सहकारी विकास योजना में सहकारी समिति स्तर पर गोदामों का निर्माण करवाया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में भी नए गोदामों का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है। गोदामों के निर्माण से सहकारी क्षेत्र में भण्डारण क्षमता विस्तारित हो सकेगी और इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को प्राप्त हो सकेगा।

    उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण

    सहकारी संस्थाओं के पास खरीफ के लिए इस समय 2 लाख टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। राजफैड ने इफको खरीफ के लिए उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। इस समय करीब 89 हजार टन डीएपी और एक लाख 17 हजार टन यूरिया गोदामों एवं सहकारी समिति स्तर पर उपलब्ध है। राज्य में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता में सहकारी भागीदारी 40 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई हैं। डीएपी के वितरण में 36.94 और यूरिया के वितरण में 40.74 फीसदी भागदारी सहकारी संस्थाओं की हो गई है। एनपीके के वितरण में सहकारिता की शतप्रतिशत भागीदारी है। गतवर्ष सहकारी संस्थाओं ने 9 लाख 78 हजार 865 टन रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराए हैं। इसमें 7 लाख 45 हजार टन से अधिक यूरिया व 2 लाख 3742 टन डीएपी का वितरण किया गया। उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी राजफैड की वेबसाइट के माध्यम से दी जा रही है।

    उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण से काश्तकारों को समय पर रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। इस वर्ष 3 लाख टन यूरिया और एक लाख टन डीएपी का अग्रिम भण्डारण किया जाएगा। उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण के लिए राजफैड , कृषि विभाग , इफको और आईपीएल के बीच एमओयू हो चुका है और उसके अनुसार अग्रिम भण्डारण जारी है। सहकारिता विभाग , राजफैड द्वारा उर्वरकाें के अग्रिम भण्डारण व उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है।

    विकेन्द्रीकृत व्यवस्था के तहत खरीद प्यवस्था

    सहकारिता विभाग द्वारा विकेन्द्रीकृत खरीद व्यवस्था में गेहूं की खरीद का भुगतान सीधे काश्तकार के खाते में करते हुए उसी दिन संबंधित काश्तकार को एसएमएस के माध्यम से जानकारी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। सीधे खाते में भुगतान और एसएमएस से जानकारी का यह पहला पारदर्शी प्रयास है और 86 करोड़ 04 लाख रु. से अधिक के गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अलवर केन्द्रीय सहकारी बैंक के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करवाया जा रहा है। इस वर्ष गेहूंं की खरीद के लिए एक अप्रेल से पंजीयन व 16 अप्रेल से खरीद आरंभ कर दी है। इसके लिए अलवर जिले की 7 क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और 15 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के 31 खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की विकेन्द्रीकृत खरीद व्यवस्था के तहत् 13 हजार 446 काश्तकारों ने पंजीयन करा लिया है। किसानों की सुविधा के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों में भी खरीद केन्द्र स्थापित किए हैं। अब तक क्रय-विक्रय सहकारी समितियां स्तर पर ही खरीद केन्द्र होते रहे है। खरीद योजना के अनुसार जिले में काश्तकारों से पंजीयन फार्म भरवाकर आवश्यक जानकारी यथा काश्तकार का नाम , भूमि का विवरण , खरीद केन्द्र व उस पर गेहूं लाने का पखवाड़ा , बैंक खाता नंबर , मोबाइल नबंर आदि की जानकारी प्राप्त की जाती हैै। सभी खरीद केन्द्रों पर दो कम्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से हाथों-हाथ पंजीयन की सुविधा जारी है।

    इसके साथ ही राजफैड और तिलम संघ के खरीद केन्द्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जा रही है।राजफैड द्वारा 452 करोड़ रुपए के 3.12 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

    फसली ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाई

    अल्पकालीन फसली सहकारी ऋणों की वसूली अवधि 31 मार्च सेे 30 जून अथवा खरीफ ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष , जो भी पहले हो तक बढ़ाने की घोषणा की है। खरीफ में लिए गए फसली सहकारी ऋणों का चुकारा 31 मार्च तक करना होता है। बे-मौसम बरसात व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने 31 मार्च की तय देय तिथि को आगे बढ़ाते हुए अब ऋणी काश्तकारों को खरीफ फसली सहकारी ऋण 30 जून या जिस दिन ऋण लिया है उससे एक वर्ष की अवधि , इसमें से जो भी पहले हो तक जमा कराने की छूट प्रदान की है। इससे राज्य में केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से वर्ष 2014 में खरीफ फसल के लिए ऋण लेने वाले करीब सात लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

    7 हजार से अधिक पेक्स बिजनस कोरेसपोंडेंट

    भामाशाह , जनधन योजना , मनरेगा सहित विभिन्न पेंशन व नकद हस्तातंरण योजनाओें का लाभ सहकारी बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए राज्य में लगभग 7 हजार 489 पेक्स-लेम्प्स , ई-मित्र् केन्द्रों को केन्द्रीय सहकारी बैंकों का बिजनस कोरेसपोंडेंट बनाया जा चुका है। सहकारी बैंकों की सभी शाखाओं को कोर बैंकिंग प्लेटफार्म पर लाने के बाद अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण के काम को गति दी जा रही है। पेक्स-लेम्प्स , र्ई-मित्र केन्द्रों के बैंकों के बीसी बनने से अब भामाशाह योजना की सुविधाएं इन केन्द्रों पर मिल सकेंगी। राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग से 700 से अधिक पेक्स में कम्प्यूटरीकरण का काम जारी है। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो गया है और प्रायोगिक तौर पर 100 से अधिक पेक्स से डेटा का आदान-प्रदान शुरु कर दिया गया है। चरणवद्ध तरीके से सभी पेक्स को कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा।

    जिलों में सुपर मार्केट

    सहकारी उपभोक्ता सेवाओं के विस्तार के लिए जिलों में 3-3 पेक्स में सुपर मार्केट व हर जिले में एक-एक महिला सुपर मार्केट खोलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। उदयपुर संभाग में पेक्स/लेम्प्स में सुपर मार्केट खुलने शुरु हो गए हैं। उदयपुर में इसी माह नया सुपर मार्केट शुरु किया गया है। जैविक उत्पादों के बिक्री केन्द्र शुरु करने की कार्ययोजना को अंतिम रुप दिया जा रहा है।

    सहकारी बैंकों में भर्ती

    सहकारी बैंकों के वरिष्ठ प्रबंधक , प्रबंधक , कम्प्यूटर प्रोगामर और बैंकिंग सहायक के कुल 613 पदों के लिए आईबीपीएस के माध्यम से 19 जिलों के 77 केन्द्रों पर ऑन लाईन परीक्षा करवा कर परिणाम जारी किया जा चुका है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नियुक्ति आदेश शीघ्र ही जारी कर दिए जाएंगे।

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    लेम्प्स अब आर्थिक हब के रुप में विकसित

    राज्य में आदिवासी क्षेत्र में लेम्प्स को ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केन्द्र के रुप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने उदयपुर संभाग के सरकार आपके द्वार के दौरान टामटिया लेम्प्स की गतिविधियों के अवलोकन के बाद संभाग की 30 लेम्प्स को आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र के रुप में विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही सभी लेम्प्स को भामाशाह योजना के क्रियान्वयन के लिए बीजनस कोरेसपोंडेट बनाने के निर्देश दिए थे।

    सहकारिता विभाग द्वारा उदयपुर संभाग के आदिवासी क्षेतर्् की लेम्प्स में सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों को संचालित करने की कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन किया गया है। इन लेम्प्स से काश्तकारों को सहकारी ऋण , भामाशाह , मनरेगा व अन्य पेंशन योजनाओं में भुगतान , खाद-बीज का वितरण और उपभोक्ता सामग्री उपलब्ध कराना है।

    उदयपुर संभाग की आदिवासी जनजाति क्षेतर्् की 744 लेम्प्स को भामाशाह योजना के क्रियान्वयन के लिए बिजनस कोरेसपोंडेट बनाया जा चुका है। उदयपुर की थूर , लसाड़िया , बाघपुरा , मादड़ी , झल्लारा/इडाना लेम्प्स , बांसवाड़ा की दानपुर , छोटी सरवन , कुशलगढ़ , चन्दू जी का घड़ा , डूंगर छोटा/सज्जनगढ़ लेम्प्स , राजसमंद की राज्यावास , छापली , मंडियाना , सरदारगढ़ , भाणा/जेतगढ़ लेम्प्स , चित्तोड़गढ़ की बस्सी , बेगूं , मंडफिया , गिलूण्ड व भानुजा लेम्प्स , प्रतापगढ़ की सालमगढ़ , चूपना , झांसड़ी , घोटारसी , मोहेड़ा एवं डूंगरपुर जिले की रीछा , बिछीवाड़ा , भीलूड़ा , आरा और बूचिया बड़ा लेम्प्स में खाद-बीज उपलब्ध कराने और मिनी बैंक की सेवाएं शुरु कर दी गई है।

    इसी तरह से उदयपुर की थूर , लसाड़िया , बाघपुरा , मादड़ी लेम्प्स , बांसवाड़ा की दानपुर , छोटी सरवन , कुशलगढ़ , चन्दू जी का घड़ा , डूंगर छोटा/सज्जनगढ़ लेम्प्स , राजसमंद की राज्यावास , छापली , सरदारगढ़ , भाणा/जेतगढ़ लेम्प्स , चित्तोड़गढ़ की बस्सी , बेगूं , मंडफिया , गिलूण्ड लेम्प्स , प्रतापगढ़ की सालमगढ़ , चूपना , झांसड़ी , घोटारसी , मोहेड़ा एवं डूंगरपुर जिले की रीछा , बिछीवाड़ा , भीलूड़ा , आरा और बूचिया बड़ा लेम्प्स में मिनी सुपर मार्केट सेवाएं आरंभ कर दी गई है। मिनी सुपर मार्केट शुरु होने से अब आदिवासियों को लेम्प्स में ही उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उपभोक्ता साग्री उपलब्ध होने लगी है। इसी तरह से खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकी है। मिनी बैंक सेवाएं शुरु होने से ऋण के साथ ही मनरेगा व अन्य योजनाओं में लेम्प्स से ही भुगतान हो रहा है।

    60 दिवसीय कार्ययोजना की उपलब्धियां

    • काश्‍तकारों को 1000 करोड रू; के ऋण वितरण लक्ष्‍य के विरूद्ध 1325 करोड़ रूपए के अल्‍पकालीन फसली सहकारी ऋणों का वितरण
    • राज्‍य में 250 नए मिनी बैंक खोलने के लक्ष्‍य के विरूद्ध 340 नए मिनी बैंक शुरू किए गए
    • केन्‍द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 2791 महिला स्‍वयं सहायता समूहों को कड़ी बंधित करते हुए 19 करोड़ 88 लाख रूपए के ऋण दिए गए
    • केन्‍द्रीय सहकारी बैंकों की सभी 36 शाखाओं का कम्‍प्‍यूटरीकरण कर सीबीएस व्‍यवस्‍था से जोडा गया
    • भूमि विकास बैंकों के माध्‍यम से 2 हजार किसानों को 40 करोड रूपए के ऋण वितरण के लक्ष्‍य के विरूद्ध2 हजार 225 काश्‍तकारों को 45 करोड़ 79 लाख रूपए के दीर्घकालीन सहकारी ऋण वितरित
    • भूमि विकास बैंकों के 31.12.13 तक संपूर्ण ऋण का भुगतान कर चुके 1525 ऋणी सदस्‍यों को भूमि रहन मुक्ति पत्र जारी किए
    • उपभोक्‍ता संघ व जिला उपभोक्‍ता भण्‍डारों द्वारा प्रदेश में 13 महिला उपहार सुपर स्‍टोर खोले गए
    • सहकारी समितियों के माध्‍यम से 1 लाख 68641 टन यूरिया 10623 टन डीएपी की आपूर्ति
    • सहकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के 267 पदों की डीपीसी आयोजित कर पदोन्‍नति की जाएगी

     

     

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    7 जून, 2015 तक अपडेट

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