मुख पृष्ठ
Home
 
किसानों को समय पर होगी खाद की आपूर्ति उद्देश्य से विफल रही कृषि सहकारी समितियों की जमीन होगी सरकार के अधीन
जयपुर, 18 जून। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद की आपूर्ति के लिए बफर स्टॉक किया जाए ताकि समय पर किसानों को खाद की आपूर्ति हो सके। उन्होंने इस संबंध में राजफैड के अधिकारियों को निर्देश दिये। श्री आंजना मंगलवार को शासन सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण के लिए ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया जारी है और ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों को शीघ्र ही फसली ऋण वितरित किया जाएगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि संयुक्त कृषि सहकारी साख समितियां जो निर्धारित उद्देश्य को प्राप्त करने में विफल रही है ऎसी समितियों की जमीन को राज्य सरकार के अधीन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से ऎसी समितियों की स्थापना हुई थी। वे अपने उद्देश्य से यदि भटक चुकी है तो इनकी सूचियां बनाकर एवं जमीन को राज्य सरकार के अधीन लेने की कार्यवाही की जाए। श्री आंजना ने कहा कि उपभोक्ता दवा भंडार की मॉनिटरिंग व्यवस्था को सुनिश्चित की जाए। महाप्रबंधक भंडार यह सुनिश्चित करें कि भण्डारों पर दवा का वितरण फॉर्मसिस्ट के द्वारा ही हो। भण्डारों में अव्यवस्था एवं सही शिकायत प्राप्त होने पर महाप्रबंधक भण्डार के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग में विभिन्न सहकारी समितियों की धारा 55 तहत जांच चल रही है ऎसी समस्त जांचें एक माह में पूर्ण की जाये। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कई समितियों में वर्षों से धारा 55 की जांच चल रही है जो अव्यवहारिक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश किया कि एक माह में समस्त जांचें पूर्ण कर रिपोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को प्रस्तुत की जाये। श्री आंजना ने क्रेडिट कॉपरेटिव एवं थ्रिफ्ट सोसायटियों द्वारा लोगों से धोखाधड़ी के मामलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रदेश की ऎसी समस्त सोसायटियों की मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर जांच व निरीक्षण को प्रभावी बनाया जाये तथा अनियमितता पाये जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। सहकारिता मंत्री ने जनता का पैसा हड़प करने वाली ऎसी सोसायटियों के प्रति लोगों का आह्वान किया कि आमजन ऎसी सोसायटियों में सोच समझकर निवेश करें क्योंकि ऎसी समितियों द्वारा संचालित योजनाएं विभाग से अनुमोदित नहीं होती हैं। ऎसे में निवेश कर्ता स्वयं के जोखिम पर ही निवेश करें। उन्होंने ऎसी सोसायटियों की प्रति लोगों में जागरूकता पर बल दिया। बैठक में प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार, रजिस्ट्रार, डॉ. नीरज के. पवन, प्रबंध निदेशक, राजफैड श्री ज्ञानाराम, संयुक्त शासन सचिव (सहकारिता), श्री नारायण सिंह, विशिष्ट सहायक (सहकारिता मंत्री), श्री आशीष शर्मा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय, श्री जी.एल. स्वामी, प्रबंध निदेशक, एस.एल.डी.बी. श्री राजीव लोचन, प्रबंध निदेशक, अपेक्स बैक, श्री इन्दर सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.