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दस लाख नये किसानों को मिलेगा आगामी फसली चक्र में पहली बार फसली ऋण
जयपुर, 7 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने गुरूवार को बताया कि प्रदेश में 10 लाख नये किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से आगामी फसली चक्र में फसली ऋण मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषक ऋण माफी योजना, 2019 के तहत जिन किसानों ने बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण करा लिया है ऐसे किसानों को वरीयता के आधार पर फसली ऋण मुहैया कराया जायेगा। श्री आंजना ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा ज्यादा से ज्यादा किसानों को सहकारी फसली ऋण ढांचे के तहत आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराकर राहत देने के दिये गये निर्देशों की पालना में यह निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे इस निर्णय से किसान को दोहरा लाभ होगा। किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार जमीन को रहन रखे बिना ही फसली ऋण मिल सकेगा और साथ ही सहकारिता से जुड़ने के दूसरे सभी लाभ भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि एक अप्रेल से 31 अगस्त तक खरीफ सीजन तथा एक सितम्बर से 31 मार्च तक रबी सीजन में किसानों को ऋण वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वे किसान जो ऋण माफी के दायरे में आ रहे हैं, वे शीघ्र ही ई-मित्र केन्द्रों पर जाकर बायोमैट्रिक सत्यापन करा लें ताकि फसली ऋण वितरण 2019-20 उन्हें प्राथमिकता के साथ ऋण वितरित किया जा सके। रजिस्टार, सहकारिता डाॅ. नीरज के. पवन ने कहा कि हम सहकारी ऋण ढांचे को मजबूती प्रदान करना चाहते हैं। इसलिये हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को इससे जोड़ना चाहते है और हम इसके लिये आगामी फसली चक्र से नये 10 लाख किसानों को फसली ऋण वितरित करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने हाल ही में कई ऐसे प्रकरण सामने आये हैं इसके मद्देनजर यह निर्णय किया गया है कि किसी भी किसान का ऋण प्राप्त करने का हक न छिने इसके लिये हमने बायोमैट्रिक सत्यापन को ऋण वितरण प्रक्रिया में लागू किया है। इससे वास्तविक किसान को सहूलियत होगी और सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ किसान की साख में भी बढ़ोतरी होगी। डाॅ. पवन ने बताया कि ऋण माफी के दौरान हमारी जानकारी में आया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कई ऐसे सदस्य हैं, जो कई वर्ष पूर्व समिति के सदस्य बन गये थे लेकिन उन्हे अभी तक सहकारी साख व्यवस्था के तहत फसली ऋण नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे किसान सदस्यों को फसली ऋण मुहैया कराने का निर्णय किया है।
 
 
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