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तहसीलदार एवं पटवारी पात्र किसान के चयन में गंभीरता बरतें पोर्टल पर 16 लाख से अधिक किसानों का विवरण अपलोड
जयपुर, एक मार्च। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के पात्र सीमान्त एवं लघु किसान परिवारों को लाभ दिलाने के लिये लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर 16 लाख 40 हजार से अधिक किसानों द्वारा अपनी कृषि भूमि तथा अन्य जानकारियां अपलोड कर दी हैं। किसानों द्वारा अपलोड किये गये विवरण की जांच संबंधित पटवारी, तहसीलदार द्वारा की जा रही है। यह जानकारी पीएम-किसान योजना के लिये नियुक्त स्टेट नोडल अधिकारी एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. नीरज के. पवन ने शुक्रवार को दी। डाॅ. पवन ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी तहसीलदारों एवं पटवारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पात्र किसानों के चयन में गंभीरता बरतें और पोर्टल पर किसानों द्वारा अपलोड की गई जानकारी की भू-राजस्व रिकार्ड के साथ बारीकी से इस प्रकार जांच करें जिससे प्रदेश का कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जांच का लक्ष्य यह भी हो कि किसी भी अपात्र किसान परिवार को इसका लाभ नहीं मिले। योजना के स्टेट नोडल अधिकारी ने बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत 2 हैक्टेयर कृषि भूमि का स्वामित्व वाले सीमान्त एवं लघु किसान परिवार लाभ लेने के लिये पात्र हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में किसान की पत्नी एवं अव्यस्क पुत्र व पुत्रियां शामिल हैं। योजना से पात्र किसान परिवार को 2 हजार रुपये की तीन समान किश्तों में राशि बैंक खातें में सीधे जमा होगी। डाॅ. पवन ने बताया कि पटवारी, तहसीलदार के स्तर पर यदि किसी किसान का आवेदन अस्वीकार किया जाता है तो परिवेदना एवं अनुश्रवण समिति के समक्ष अपना पक्ष रख कर राहत प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान पोर्टल पर किसी किसान का डेटा रिजेक्ट हो जाता है तो ऐसे किसान को राहत प्रदान करने के लिये कमियों में सुधार कर पुनः प्रमाणीकरण करवाया जायेगा ताकि कोई पात्र किसान वंचित न हो।
 
 
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