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तेईस दिनों में किसानों के 4 हजार 895 करोड़ के ऋण हुए माफ तेरह लाख 6 हजार से अधिक किसानों को ई-मित्र केन्द्रों पर हुए जारी हुए प्रमाण-पत्र
जयपुर, एक मार्च। सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने शुक्रवार को बताया कि हमने मात्र 23 दिवस की अवधि में 13 लाख 6 हजार किसानों के 4 हजार 895 करोड़ रुपये के फसली ऋण माफ कर ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी कर दिये हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों ने अबतक 19 लाख 10 हजार 545 किसानों की 7880.29 करोड़ रुपये की ऋण माफी का डेटा अपलोड कर दिया है। यह कुल पात्र किसानों की संख्या के 78 प्रतिशत से अधिक है। श्री आंजना ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार किसानों की ऋण माफी के कृतसंकल्प है और हम उनके द्वारा दी गई समय सीमा में सभी पात्र किसानों के फसली ऋण माफ कर ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी कर देंगे। योजना की क्रियान्विति के लिये ग्राम सेवा सहकारी समितियों के स्तर पर ऋण माफी शिविरों का आयोजन हो रहा है जिसमें पात्र किसानों को ऋण माफी प्रमाण-पत्र वितरण किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोनवेवर पोर्टल पर ऋण माफी का डेटा अपलोड होते ही संबंधित किसान को एसएमएस के जरिये सूचित किया जा रहा है और अबतक 14 लाख 75 हजार 853 किसानों द्वारा बायोमैट्रिक सत्यापन कर दिया है। उन्होंने बताया कि हम प्रतिदिन औसतन 79 हजार किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्रों का वितरण कर किसानों को राहत दे रहे हैं। उन्होंने सहकारी बैंकों से जुड़े सभी पात्र किसानों का आह्वान किया कि जैसे ही किसान के पास डेटा अपलोड होने का मैसेज प्राप्त हो वह तत्काल ग्राम सेवा सहकारी समिति में जाकर अपने बकाया ऋण राशि एवं माफी राशि का सत्यापन करते हुए ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से अपना बायोमैट्रिक सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लें। श्री आंजना ने कहा कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के स्तर पर शिविरों का आयोजन कर 11 लाख 94 हजार 832 किसानों को 4478.87 करोड़ रुपये के प्रमाण-पत्र वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग सहकारी बैंकों से जुड़े प्रदेश के किसानों को फसली ऋण माफी का लाभ देने के लिये लगातार काम कर रहा है और अबतक 19 लाख 9 हजार 290 किसानों का डेटा लोनवेवर पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि हम जो कहते हैं उसे तय समय सीमा में कहे अनुसार करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने हमारे जन घोषणा पत्र में दस दिन में किसानों को उनके कृषि ऋणों को माफ कर राहत देने का वादा किया था और हमने मात्र 2 दिन में ही किसानों की ऋण माफी पर निर्णय किया और 7 फरवरी से योजना को लागू कर दिखाया है। हमने किसानों को दी गई राहत में किसानों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया। हमने सीमान्त एवं लघु किसानों सहित सभी अन्य किसानों का फसली ऋण को माफ किया है। श्री आंजना ने बताया कि हमने सहकारी बैंकों से मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन कृषि ऋण लेने वाले ऐसे लघु एवं सीमान्त किसानों को राहत देने का निर्णय किया जो अपने ऋण को चुका नहीं पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने ऐसे संकटग्रस्त सीमान्त एवं लघु किसान जिनके अवधिपार खाते में 2 लाख रुपये के अवधिपार कृषि ऋण बकाया है, उनका समस्त बकाया ऋण को माफ कर उनकी बैंक के पास रहन रखी भूमि को किसान को लौटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे इस निर्णय से प्रदेश के 69 हजार से अधिक किसानों की लगभग 4 लाख बीघा भूमि रहन मुक्त होकर किसानों को वापिस मिल जायेगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि हमारा उद्देश्य संकटग्रस्त किसान को वापस मुख्यधारा में लाना है। किसान को उसकी जमीन वापस मिलने से वह पुनः ऋण प्राप्त करने का हकदार हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन कृषि ऋणों की माफी के लिये पात्र किसानों का डेटा अपलोड का कार्य प्रारम्भ हो चुका है और शीघ्र ही ऐसे किसानों को भी ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी होना शुरू हो जायेगा।
 
 
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