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तिलम संघ की बंद इकाइयों को किया जायेगा चालू
जयपुर, 29 सितम्बर। रजिस्ट्रार, सहकारिता एवं तिलम संघ के प्रशासक श्री नीरज के पवन ने बताया कि राजस्थान राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ लि. (तिलम संघ) के बंद प्लाण्टों को पुनः शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे एवं समितियों में नवाचार व विविधिकरण के द्वारा उनके व्यवसाय में वृद्धि की जायेगी। श्री पवन सहकार भवन में तिलम संघ की षष्टम आमसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सहकारी क्षेत्र में कार्य करने की विपुल संभावनायें निहित हैं तथा तिलम संघ सहकारी क्षेत्र का बड़ा उपक्रम है। तिलम संघ की आय को बढ़ाने के लिये युद्ध स्तर पर प्रयास किये जायेंगे। प्रशासक ने बताया कि तिलम संघ से जुड़ी सहकारी समितियों को समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये अधिक से अधिक केन्द्र आवंटित करवाये जायेंगे तथा जो समितियां विभिन्न प्रकार के व्यवसाय करना चाहती हैं उन्हें पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिन समितियों द्वारा खाद-बीज का व्यवसाय करना चाहती हैं उन्हें वरीयता देकर खाद-बीज समय पर उपलब्ध करवाया जायेगा। श्री पवन ने बताया कि प्राथमिक तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों को मसालों, जैविक उत्पादों जैसे व्यवसायों के साथ-साथ खाली पड़ी जमीनों की लोकेशन के आधार पर मैरिज गार्डन, गैस एजेंसियों एवं पैट्रोल पम्प संचालन की संभावनों को तलाश कर समितियों के कार्य विस्तार को बढ़ाया जायेगा तथा रोजगार के अवसर खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि मृतप्राय प्राथमिक तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों को सशक्त बनाया जायेगा तथा उन्हें नवाचारों के माध्यम से पुनः मुख्य धारा में शामिल कर आगे बढ़ाया जायेगा। उन्होंने बताया कि एफसीआई से बकाया 57 करोड़ रुपये को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि समितियों को आवंटित किये जा सके। प्रारम्भ में तिलम संघ के प्रबंध निदेशक श्री राम किशोर रैगर ने आमसभा का एजेण्डा रखा तथा कार्यवाही संपादित की। सभा में उपस्थित सदस्य समितियों के प्रतिनिधियों ने बहुमूल्य सुझाव रखे जिन पर प्रशासक द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया।
 
 
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