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जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक की 67वीं साधारण सभा सम्पन्न न्यूनतम एनपीए स्तर के लिये बैंक हुआ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित सहकारिता में मानव जीवन में संतुलन बनाने की अकूत संभावनायें हैं निहित -रजिस्ट्रार
जयपुर, 27 सितम्बर। रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री नीरज के पवन ने कहा कि सहकारिता में मानव जीवन एवं प्रकृति के मध्य संतुलन बनाने में अकूत संभावनायें निहित है और प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से आये बदलाव को महसूस किया जा सकता है। इसलिये हमें सहकारिता की भावना के अनुसार मिलकर आम व्यक्ति एवं किसान के जीवन को अच्छा बनाने के लिये और अधिक प्रयास करना चाहिये। श्री पवन गुरूवार को नेहरू सहकार भवन में जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक की आयोजित 67वीं साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण शिद्दत एवं आत्मविश्वास के साथ 'एक सबके लिये, सब एक के लिये' की भावना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे समाज का सर्वांगीण विकास कर सकें। जयपुर के किसानों को मिली 450 करोड़ की ऋणमाफी जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक श्री बी राम ने सर्वप्रथम साधारण सभा को माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा लागू की गई राजस्थान फसली ऋण माफी योजना, 2018 के तहत जिले के 1 लाख 77 हजार 400 किसानों को दिये गये 450 करोड़ रुपये की ऋण माफी के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंक द्वारा किसानों को ऋण माफी के बाद उनकी मांग के अनुसार 525 करोड़ रुपये का नया ऋण उपलब्ध कराया है। 46 लाख 47 हजार 778 रुपये का होगा लाभांश वितरण श्री बी राम ने बताया कि बैंक सदस्यों को 46 लाख 47 हजार 778 रुपये का लाभांश वितरित करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 की अवधि में बैंक द्वारा 2 करोड़ 96 लाख 79 हजार 661 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। न्यूनतम एनपीए स्तर के लिये बैंक हुआ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रबंध निदेशक ने बताया कि बैंक लगातार एनपीए के स्तर को 1.84 प्रतिशत के स्तर पर बनाये रखने में सफल रहा है और इसके लिये बैंक को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारिता के लाभ से कोई भी वंचित नहीं रहे इसके लिये बैंक के कार्यक्षेत्र में 60 नई एवं पुनर्जीवित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से काश्तकारों को साख सुविधा से जोड़ा गया है। श्री बी राम ने बताया कि बैंक द्वारा आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी एवं बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से डोर स्टेप पर गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने साधारण सभा में पधारे हुये अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत किसानों को उनकी आवश्यकताओं एवं पात्रता के अनुसार ऋणों की जानकारी दें ताकि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास की कल्पना को साकार किया जा सके। बैंक कार्मिकों ने दिये केरल बाढ़ त्रासदी में 91 हजार 51 रुपये जयपुर बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक मिसाल कायम की है और केरल में आई बाढ़ त्रासदी में मदद देने के लिये अपना एक दिन का वेतन दिया है। उन्होंने इस मौके पर रजिस्ट्रार, सहकारिता को केरल सीएम रीलिफ फण्ड में 91 हजार 51 रुपये का चैक सोंपा। साधारण सभा में ग्राम सेवा सहकारी समितियों, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों सहित अन्य सदस्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा साधारण सभा के एजेण्डा के अनुसार अपनी बात रखी।
 
 
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