मुख पृष्ठ
Home
 
संस्थाओं में वित्तीय अनुशासन में ऑडिट की उपयोगिता को किया जायेगा सुनिश्चित
जयपुर, 10 जुलाई। रजिस्ट्रार सहकारिता श्री राजन विशाल ने कहा है कि संस्थाओं की ऑडिट की मॉनिटरिंग को बेहतर किया जाये। उन्होंने केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा भेजी जाने वाली ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान नाबार्ड एवं आरबीआई द्वारा संबंधित बैंक की निरीक्षण रिपोर्ट के तथ्यों का भी समावेश किया जाये। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा भेजी गई ऑडिट रिपोर्ट में नाबार्ड एवं आरबीआई की निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेखित आक्षेपों एवं उनकी अनुपालना के संबंध में स्पष्ट टिप्पणी अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाये। साथ ही ऐसे बिन्दुओं पर ऑडिट रिपोर्ट में विस्तृत टिप्पणी भी अंकित की जाये ताकि बैंकों में वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता को स्थापित करने में ऑडिट की उपयोगिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई अंकेक्षक बैंकों के वैधानिक अंकेक्षण रिपोर्ट में आवश्यक तथ्यों को अंकित नहीं करता है जो बैंक की सही एवं वास्तविक वित्तीय स्थिति प्रकट करने के लिये अपेक्षित हों तो ऐसे अंकेक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। श्री विशाल मंगलवार को सहकार भवन में फंक्शनल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले श्री विशाल ने सहकार भवन के ऑडिट, प्रशासन, हाउसिंग, विधि, नियम एवं मीडिया अनुभाग का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राजसम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र करें निपटारा श्री विशाल ने कहा कि राजसम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये जायेंगे और दस दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लंबित प्रकरण के संबंध में जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम बनाने के लिये उपयुक्त जमीन की कमी है ऐसी समितियों में गोदाम निर्माण के लिये निर्धारित प्रारूप में बनने वाले गोदामों के मानचित्र में परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है। ऋण माफी शिविरों की करें मोनेटरिंग रजिस्ट्रार ने कहा कि ऋण माफी शिविर 31 जुलाई तक पूरे होने हैं। उन्होंने सभी संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि निर्धारित समय में ऋणमाफी शिविर सम्पन्न हों तथा ऋण वितरण के लिये आवंटित बजट को भी किसानों को शीघ्र वितरित किया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि इस कार्य की नियमित रूप से मोनेटरिंग करें। खरीफ उपज खरीद के लिये तैयारियां करें शुरू उन्होंने कहा कि खरीफ फसल की उपज को खरीदने के लिये अभी से तैयारियां शुरू करें तथा वास्तविक किसान को उसकी उपज का लाभ मिले इसके लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु बुवाई के समय की गिरदावरी को एडवांस गिरदावरी के रूप में मान्य करने के संबंध में विचार किया जा रहा है। उन्होंने होने वाली खरीद के संबंध में भण्डारण व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता, परिवहन एवं डीओआईटी के सॉफ्टवेयर से संबंधित तैयारियों के निर्देश भी दिये। सहकार भवन में किया पौधारोपण श्री विशाल ने आज सहकार भवन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हुए कहा कि आज इस मुद्दे पर चर्चा का समय नहीं है बल्कि हमें इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। यदि हमें बायोडायवर्सिटी को बचाना है तो प्रत्येक व्यक्ति को पांच-पांच पौधे लगाकर उनकी कम से कम 5 वर्ष तक देखभाल करनी होगी। इस मौके पर सहकार भवन में दस पौधों का रोपण भी किया गया।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.