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किसान को उपज का वाजिब दाम दिलाना सरकार की प्राथमिकता -सहकारिता मंत्री
जयपुर, 9 जुलाई। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की सदैव यह मंशा रही है कि किसान को अपनी उपज का वाजिब दाम मिले और उसे अपनी उपज का बेचान करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस मंशा को धरातल पर साकार करने के लिये हमने प्रदेश में किसानों को ऑनलाइन पंजीयन कर उनकी उपज की तुलाई का दिन निश्चित करने की शुरूआत की और इसी कारण हम सहकारिता विभाग के सहयोग एवं राजफैड के माध्यम से लाखों की संख्या में किसानों को लाभान्वित कर पाये। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक यहां नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार, जिला इकाई उप रजिस्ट्रार एवं खरीद से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री किलक ने अपने संबोधन में गत साढ़े चार वर्षों में 11466 करोड़ रुपये की रिकार्ड खरीद कर प्रदेश के रिकार्ड किसानों को लाभान्वित करने में सहकारिता विभाग एवं राजफैड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि सहकारिता एक परिवार है जहां एक दूसरे के सहयोग से बडे से बडे कार्य को बिना व्यवधान एवं कम परिश्रम से पूरा किया जा सकता है। खरीफ-2018 की खरीद के लिये रहें तैयार उन्होंने कहा कि हमें सहकारिता के माध्यम से किसान हित में किये जा रहे कार्यों में विराम नहीं आने देना है और अभी से ही अक्टूबर माह में शुरू होने वाली खरीफ-2018 की खरीद के लिये तैयारियां शुरू कर देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि हम निरन्तर अपनी खरीद प्रणाली में सुधार कर रहे हैं ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानियों को पूरी तरह से दूर किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि इस बार जो भी कमियां रही हैं उन्हें आगामी खरीद के दौरान नहीं दौहराया जाये। रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने कहा कि यह एक स्थापित तथ्य है कि जब भी कहीं अकाल पड़ा है तो उसका कारण किसान द्वारा अन्न का उत्पादन नहीं करना नहीं होता बल्कि उपज की सही खरीद एवं वितरण नहीं होना होता है। उन्होंने कहा कि हमें किसानों से उपज की त्वरित खरीद एवं उनका संवितरण को सुनिश्चित करना होगा। इसमें सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया अहम है। प्रबंध निदेशक, राजफैड डॉ. वीना प्रधान ने कहा कि यह सहकारिता एवं राजफैड के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने का ही परिणाम है कि हमने सरकारी खरीद के लक्ष्य को सामाजिक लक्ष्य के रूप में तब्दील कर दिया। उन्होंने कहा कि किसान को उसकी उपज का वाजिब दाम मिल सके यहीं हमारा उद्देश्य है। डॉ. प्रधान ने कहा कि जैसे जैसे केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त हो रही है उसे हम तत्काल किसानों को उनकी उपज का मूल्य पंजीकृत बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे खरीफ-2018 की खरीद के लिये हम किसानों की मदद के लिये तैयार हैं और भारत सरकार द्वारा जो भी लक्ष्य हमें दिये जायेंगे उन्हें हम पूरा करेंगे।
 
 
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