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अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस का आयोजन सहकारिता ने की 1 लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरूआत सामाजिक-आर्थिक कार्यों के साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिये भी कार्य करें - सहकारिता मंत्री
जयपुर, 7 जुलाई। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर यहां झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राइसेम सहकारी संस्थान में पौधारोपण कर प्रदेश में सहकारी संस्थाओं द्वारा एक लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरूआत की। इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि मिलजुल कर सकारात्मक सोच के साथ किसी भी कार्य को करने से अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में विपुल संभावनायें हैं और सहकारिता वह माध्यम है जिसमें सहयोग की भावना से एक दूसरे का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में बहुत सारी समस्यायें हैं लेकिन हमें इन समस्याओं से उबरने के लिये हमेशा प्रयासरत रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उपभोग एवं उत्पादन में साम्यता स्थापित कर भावी पीढ़ी के लिये संसाधनों को सुरक्षित रखना होगा। श्री किलक ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम हमारे दृष्टिकोण में परिवर्तन लायें और लगातार आर्थिक, सामाजिक कार्यों के साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिये भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि हम पूरी लगन एवं समर्पण के साथ मिलकर कार्य करेंगे तो हम राजस्थान को सूखे प्रदेश से हरे-भरे प्रदेश में परिवर्तित कर आने वाली पीढी के भविष्य को संवार सकते हैं। रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने कहा कि सहकारिता वह क्षेत्र है जिसके साथ लोगों का सीधा जुड़ाव है। समाज के प्रति निष्ठा सहकारिता का वह सशक्त आधार है जो समाज को सतत उपभोग एवं उत्पादन की ओर ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज सहकारिता के माध्यम से सतत विकास में एक और कड़ी जुड़ गई जो पौधारोपण के रूप में पर्यावरण को समर्पित की गई है। श्री विशाल ने कहा कि पौधारोपण के पनपने को निरीक्षण एवं देखभाल के द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता में काफी काम हुआ है लेकिन अभी भी अपार संभावनायें मौजूद हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी सहकार बन्धु प्रण लें कि सहकारिता के आन्दोलन को मजबूत करते हुए एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना सहयोग देंगे। राजफैड की प्रबन्ध निदेशक डाॅ. वीना प्रधान ने कहा कि सहकारिता ने एक और अच्छा नवाचार कर एक लाख से अधिक पौधे लगाने का अभियान हाथ में लिया है जो कही न कही सहकारिता के मूल को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि सहकारित नित नये आयाम स्थापित कर रहा है चाहे वह उपज की खरीद हो या ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण हो, या फिर संस्थाओं द्वारा समाज हित में बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने का हो। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि समाज में सहकारिता की भावना को प्रबल तरीके से विभिन्न कार्यों में समाहित करें जिससे बेहतर सोच के साथ बेहतर समाज का भी निर्माण हो सके। निदेशक, राइसेम श्री सुधीर बंसल ने कहा कि आज पर्यावरण सुरक्षा हमारे जीवन का एक आवश्यक अंग बन गया है और इस ओर कार्य करने की महती आवश्यकता है। अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर सहकारिता का यह अभियान निश्चित रूप से भावी पीढ़ी के लिये वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि राइसेम द्वारा सौ पौधों का रोपण किया जायेगा। इससे पहले राइसेम परिसर में सहकारिता मंत्री ने जामुन, रजिस्ट्रार ने बील, राजफैड प्रबंध निदेशक ने नीम, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रमुखों ने शीशम, अंजीर, पपीता सहित 13 पौधों का रोपण किया। आज पूरे प्रदेश में सहकारी संस्थाओं द्वारा पौधारोपण की शुरूआत की गई है। इस अवसर पर निजी सचिव सहकारिता मंत्री श्री कर्मचंद चैधरी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) श्री जी एल स्वामी, एम डी अपेक्स बैंक श्री विद्याधर गोदारा, एम डी एसएलडीबी श्री विजय शर्मा, सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी श्री गोविन्द गोयल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार जयपुर खण्ड श्री श्याम लाल मीणा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रोससिंग) श्री बृजेन्द्र शर्मा, प्रबंध निदेशक काॅनफैड श्री रायसिंह मोजावत, संयुक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) श्रीमती गुंजन चैबे, संयुक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) श्रीमती सोनल माथुर, संयुक्त निर्वाचन प्राधिकारी श्री संजय माथुर, एम डी कोआॅपरेटिव प्रेस श्री आर पी मीणा, तकनीकी सहायक रजिस्ट्रार श्री कार्तिकेय मिश्रा, संयुक्त रजिस्ट्रार (नियम) श्री कुमार विवेकानन्द, अतिरिक्त निदेशक राइसेम श्री एम आर खन्ना, उप रजिस्ट्रार, राइसेम श्री नवीन शर्मा, प्राचार्य आईसीएम डाॅ. किशोर सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं सहकारजन उपस्थित थे।
 
 
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