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राज्य के इतिहास में पहली बार एक ही सीजन में हुई रिकार्ड खरीद राजफैड ने 4 लाख 33 हजार किसानों से खरीदी 12.73 लाख मीट्रिक टन उपज गत साढ़े चार वर्षों में 11466 करोड़ से हुई 34.64 लाख मी.टन उपज की खरीद
जयपुर, 2 जुलाई। राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि राजफैड द्वारा एक ही सीजन में 4 लाख 33 हजार 670 किसानों से 12 लाख 73 हजार 753 मीट्रिक टन उपज की खरीद की गई है। इस खरीद के कारण किसानों को उनकी उपज का 4 हजार 961 करोड़ 64 लाख रुपये का मूल्य मिला है। यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को दी। साढ़े चार वर्षों में रिकार्ड 34.64 लाख मीट्रिक टन उपज की खरीद सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के अबतक के कार्यकाल में लाखों किसानों से गेहूं, चना, सरसों, लहसुन, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली एवं मसूर की 34.64 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड उपज खरीदी गई। उन्होंने बताया कि 11 हजार 466 करोड़ रुपये मूल्य की उपज खरीद कर किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाया है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में मात्र 1180.39 करोड़ रुपये से 7 लाख 82 हजार मीट्रिक टन की उपज किसानों से खरीदी थी। 4 लाख 33 हजार 670 किसानों को मिला लाभ श्री किलक ने बताया कि सरसों के लिये 225, चना के लिये 194, गेहूं के 95 तथा लहसुन के लिये 30 खरीद केन्द्र सहित कुल 544 खरीद केन्द्र बनाये गये थे। उन्होंने बताया कि सरसों 1 लाख 70 हजार 823 किसानों से, चना 2 लाख 22 हजार 133, गेहूं 15 हजार 697 तथा लहसुन 25 हजार 17 किसानों से खरीदा गया। इस प्रकार 4 लाख 33 हजार 670 किसानों ने अपनी उपज का बेचान किया। 12 लाख 73 हजार 753 मीट्रिक टन की उपज की खरीद प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि 1 हजार 886 करोड़ 42 लाख रुपये से 4 लाख 71 हजार 606 मीट्रिक टन सरसों, 2 हजार 551 करोड़ 88 लाख रुपये से 5 लाख 79 हजार 972 मीट्रिक टन चना, 295 करोड़ रुपये से 90 हजार 580 मीट्रिक टन लहसुन तथा 228 करोड़ 32 लाख रुपये से 1 लाख 31 हजार 594 मीट्रिक टन गेहूं खरीद किसानों से की गई। इस प्रकार कुल 4 हजार 961 करोड़ 64 लाख रुपये की खरीद की गई है। 2 लाख 33 हजार 241 किसानों को हुआ 2 हजार 620 करोड़ का भुगतान रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने बताया कि जिन किसानों से खरीद की गई है उनमें से 2 लाख 33 हजार 241 किसानों को 2 हजार 620 करोड़ रुपये का भुगतान उनके खातों मे ऑनलाइन किया जा चुका है। जिनमें से सरसों के 93 हजार 944 किसानों को 1025 करोड़ 69 लाख रुपये, चना के 1 लाख 5 हजार 695 किसानों को 1164 करोड़ 93 लाख रुपये, गेहूं के 14 हजार 184 किसानों को 201 करोड़ 93 लाख रुपये तथा लहसुन के 19 हजार 418 किसानों को 227 करोड़ 48 लाख रुपये का भुगतान उनके खातों में किया गया है। 30 जून को समाप्त हुई खरीद राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि कोटा संभाग में 15 मार्च से सरसों, गेहूं एवं चना, समूचे प्रदेश में 27 मार्च से सरसों, 1 अप्रेल से गेहूं एवं 2 अप्रेल से चना खरीद समर्थन मूल्य पर प्रारम्भ की गई थी। जबकि बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लहसुन खरीद 12 अप्रेल से शुरू की गई थी। खरीद की यह प्रक्रिया 30 जून को पूरी हो गई। किसानों से सरसों 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल, चना 4400 रुपये, गेहूं 1735 रुपये तथा लहसुन 3257 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। ऑनलाइन पंजीयन कर की गई खरीद डॉ. प्रधान ने बताया कि प्रदेश में पहली बार किसानों का ऑनलाइन पंजीयन कर उपज की खरीद की गई है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज की तुलाई कराने एवं ऑनलाइन बैंक खाते में भुगतान ट्रांसफर करने से सहूलियत हुई है और इसी कारण से एक ही सीजन में 4 लाख 33 हजार से अधिक किसानों से रिकार्ड 12 लाख 73 हजार मीट्रिक टन से अधिक की खरीद कर उन्हें लाभान्वित कर पाये हैं। भुगतान से शेष रहे किसानों को शीघ्र भुगतान करवाया जा रहा है।
 
 
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