मुख पृष्ठ
Home
 
हाउसिंग सोसायटियों का होगा डिजिटाईजेशन 27 जून से 13 जुलाई तक आयोजित होंगे कैम्प रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराने वाली सोसायटियों पर होगी सख्त कार्यवाही
जयपुर, 26 जून। रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने मंगलवार को बताया जयपुर शहर की 161 गृह निर्माण सहकारी समितियों की अन्तिम ऑडिट रिपोर्ट का डिजिटाईजेशन किया जायेगा। इसके लिये 27 जून से 13 जुलाई तक क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी के मिनी सचिवालय स्थित कार्यालय में कैम्प आयोजित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में तथा हाउसिंग सोसायटियों द्वारा समय पर ऑडिट नहीं कराने व उनके द्वारा सृजित योजनाओं के संबंध में अनियमितता के प्रकरण सामने आने के कारण विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि आयोजित होने वाले कैम्प में प्रतिदिन 10 से 12 सोसायटियों को आमंत्रित किया गया है ताकि उनके समक्ष ही अंतिम आॅडिट रिपोर्ट से संबंधित तथ्यों की पुष्टि कर डिजिटाईजेशन का कार्य पूरा किया जा सके। श्री विशाल ने बताया कि सोसायटियों द्वारा सृजित की गई योजनाओं के संबंध में पूर्ण जानकारी निर्धारित प्रारूपों में ली जायेगी जिसमें जमीन की खरीद स्थिति, योजनावार सदस्यों की सूची, आवंटित भूखण्ड संख्या व उनका क्षेत्रफल, भूखण्ड आवंटन की दिनांक, आवंटन से शेष भूखण्डों का विवरण सहित अन्य सूचनाएं प्राप्त की जायेंगी। उन्होंने बताया कि 27 जून को अपोलो नगर, बाबा आर. एन. गौड, गांधी, हीरा, इन्द्रपुरी, कृष्णापुरी, दि रेल्वे मैंस, आजाद, जय अम्बे एवं मदरामपुरा गृह निर्माण सहकारी समितियों की योजनाओं के संबंध में प्रपत्र प्राप्त कर उनका डिजिटाईजेशन किया जायेगा। रजिस्ट्रार ने बताया कि सोसायटी से संबंधित पदाधिकारियों के आधार कार्ड नम्बर, टेलिफोन नम्बर एवं सोसायटी का वास्तविक पता भी स्पष्ट रूप से दर्ज कराना होगा। जिन सोसायटियों द्वारा वांछित सूचनायें नहीं दी जायेंगी उनके खिलाफ राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के साथ-साथ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 174 एवं 175 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के स्तर पर गृह निर्माण सहकारी समितियों से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें किसी सोसायटी द्वारा एक ही पट्टे का विभिन्न व्यक्तियों को बेचान, सोसायटी द्वारा आवंटित भूखण्डधारी के साथ धोखाधड़ी, सोसायटी द्वारा ऑडिट नहीं कराना एवं योजना से संबंधित दस्तावेजों में छेड़छाड़ तथा अनियमितता की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। श्री विशाल ने बताया कि विभाग द्वारा यह कार्य पूर्ण होने पर कोई भी व्यक्ति सोसायटी की योजना से संबंधित सम्पूर्ण आवश्यक जानकारी ऑनलाइन ले सकेगा एवं भूखण्ड से संबंधित खरीद फरोख्त करते समय सावधानी बरत सकेगा तथा धोखाधडी से बच सकेगा।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.