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किसानों के खिल उठे चेहरे कर्जमाफी प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही ऋण हुआ माफ नया ऋण भी हुआ जारी
जयपुर, 31 मई। राज्य में 31 मई एक ऐतिहासिक दिन के रूप में अंकित हो गया जब मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने गुरूवार को बांसवाड़ा के काॅलेज ग्राउंड में जिले के किसानों को ऋणमाफी प्रमाण पत्र वितरित कर प्रदेश स्तरीय ऋणमाफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। ऋणमाफी प्रमाणपत्र मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री श्रीमती राजे के हाथों किसानों को कर्जमाफी प्रमाण पत्र के साथ-साथ नया ऋण स्वीकृत का भी प्रमाण पत्र दिया गया। आज किसानों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी और यह खुशी उनके 50 हजार रुपये तक के ऋण माफ होने के साथ ही नये ऋण के रूप में 50 हजार रुपये मिलने से दोगुनी हो गयी और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की गवाह बनी वागड़ की धरती। जिन किसानों को मुख्यमत्री के हाथों प्रमाण पत्र मिला उन सबने एक ही स्वर में राजस्थान सरकार की इस योजना को गरीब किसानों के हित में उठाया गया साहसिक एवं ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने बताया कि कर्जमाफी से हमें बहुत बड़ी राहत मिली है और इससे हमारे परिवार को भी संबल मिला है। इस मौके पर सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की सोच एवं उनके ऊर्जावान नेतृत्व के कारण किसानों की कर्जमाफी जैसा निर्णय संभव हो पाया है। कर्जमाफी से राज्य के 29 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की ऋणमाफी कर किसानों को राहत दी गयी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया, उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी, स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री श्री श्रीचन्द कृपलानी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री श्री धन सिंह रावत, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल राज्य मंत्री श्री सुशील कटारा, मुख्य सचेतक श्री कालू लाल गुर्जर, सांसद श्री मानशंकर निनामा, संसदीय सचिव श्री भीमा भाई, विधायकगण, प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार, रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल, प्रबंध निदेशक, अपेक्स बैंक श्री विद्याधर गोदारा सहित जन प्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी एवं बड़ी मात्रा में किसान भी उपस्थित थे।
 
 
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