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सरसों एवं चना खरीद के लिए लागू हुई सहकार फसल खरीद मित्र योजना किसानों से तय समय में उपज खरीद कर दिलाया जाएगा वाजिब दाम
जयपुर, 13 अप्रेल। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर वर्ष 2018 में हो रही सरसों एवं चना की खरीद के लिए सहकार फसल खरीद मित्र योजना लागू कर दी गई है। इस योजना में ग्राम सेवा सहकारी समितियां, वृहद कृषि बहुद्देश्‍शीय सहकारी समितियां एवं तिलहन उत्‍पादक सहकारी समितियां सहकार मित्र के रूप में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के लिए खरीद कार्य करेंगी। यह जानकारी श्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को दी। श्री किलक ने बताया कि माननीय मुख्‍यमंत्री श्रीमती वसुन्‍धरा राजे द्वारा श्री गंगानगर दौरे के दौरान किसानों को नजदीकी खरीद केन्‍द्र के मार्फत खरीद कर किसानों को राहत देने के निर्देश दिये थे। उन्‍होंने बताया कि मुख्‍यमंत्री श्रीमती राजे किसानों की समस्‍याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनके निर्देशों को अमलीजामा पहनाने के लिये ग्राम पंचायत स्‍तर पर कार्य कर रही सहकारी समितियों यथा- ग्राम सेवा सहकारी समिति, वृहद कृषि बहुद्देश्‍शीय सहकारी समिति एवं तिलहन उत्‍पादक सहकारी समिति को सहकार फसल खरीद मित्र बनाकर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस योजना के लागू होने से ग्राम पंचायत स्‍तर पर कार्य कर रही सहकारी समितियों के संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग हो सकेगा तथा किसान अपने पास की सहकार फसल खरीद मित्र समिति के जरिये अपनी सरसों एवं चना की उपज को बेच सकेगा। योजना के अन्तर्गत सहकार मित्र समिति को हैण्डलिंग एवं परिवहन खर्चों के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप में 14 रूपए प्रति 50 किलो बैग की दर से भुगतान किया जाएगा। खरीद के लिए खोले 401 केन्द्र श्री किलक ने बताया कि किसानों की उपज के अनुरूप इस वर्ष गत वर्षों से ज्यादा क्रय केन्द्र बनाए गए। राजफैड के माध्यम से 2 अप्रेल से शुरू हुई सरसों एवं चना खरीद के लिए क्रमशः 217 व 184 केन्द्र खोले गए हैं। उन्‍होंने बताया कि सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाते हुए पूरा लाभ दिलवाया जा सके। ऐसे बनेंगे सहकार मित्र प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि सहकार मित्र समिति को क्रय विक्रय सहकारी समिति का नोमिनल सदस्य बनना जरूरी होगा। उन्‍होंने बताया कि सर्वप्रथम सहकार मित्र समिति एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति के मध्य में एक इकरारनामा 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर होगा। जिसमें भारत सरकार द्वारा सरसों एवं चना के लिये निर्धारित समर्थन मूल्य पर सहकार मित्र समिति क्रय विक्रय सहकारी समिति के लिए खरीद करेगी। उन्‍होंने बताया कि सहकार मित्र समिति यह खरीद राजफैड द्वारा घोषित खरीद अवधि में एवं निर्धारित सीमा के भीतर ही करेगा। बारदाना एवं उपज का होगा बीमा श्री कुमार ने बताया कि सहकार मित्र समिति द्वारा खाली बारदाना, सरसों एवं चना के स्टॉक व ट्रांजिट (सरसों एवं चना) का आग, पानी व चोरी इत्यादि का बीमा करवाया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि किसी भी प्रकार की हानि के लिए सहकार मित्र समिति जिम्मेदार होगी। सहकार मित्र समिति 10 लाख रूपए की बैंक गारन्टी क्रय विक्रय सहकारी समिति को देगी। खरीद एफ.ए.क्यू. मानक से होगी प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सहकार मित्र समिति को भारत सरकार निर्धारित एफ.ए.क्यू. मानको के अनुसार खरीद करनी होगी। खरीद कार्य हेतु सही क्वालिटी का खाली बारदाना ले जानी की व्यवस्था संबंधित सहकार मित्र समिति की ही होगी। उन्‍होंने बताया कि सहकार मित्र समिति द्वारा एफ.ए.क्यू. क्वालिटी की वेयर हाउस पर्चियां क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में प्रस्तुत करने व खरीद समाप्ति पर शेष रहा बारदाना क्रय विक्रय सहकारी समिति में जमा करा कर प्राप्ति रसीद राजफैड कार्यालय में देनी होगी। ई-मित्र एवं खरीद केन्द्र पर होगा पंजीयन राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि ई-मित्र अथवा क्रय केन्द्र पर किसान 10 रुपये पंजीयन शुल्क देकर पंजीकरण करवा सकता है। क्रय केन्द्र पर वेबकेम तथा किसान पंजीकरण की व्यवस्था सहकार मित्र समिति करेगी। उन्‍होंने बताया कि पंजीकरण के लिए किसान को भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड एवं गिरदावरी अनिवार्य रूप से साथ ले जाना होगा। गिरदावरी में फसल रकबा हैक्टेयर में अंकित हो तथा किसान की जिस क्षेत्र में कृषि भूमि है उसे तो पंजीकरण भी फसल बेचने के लिए उसी क्षेत्र में कराना होगा। 1000 खाली बारदाना कराया जाएगा उपलब्ध डॉ. प्रधान ने बताया कि सहकार मित्र समिति को एक बार में लगभग 1000 खाली बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा। बारदाना समाप्त होने एवं डब्ल्यू आर व वेयर हाउस पर्चियां क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में प्रस्तुत करने पर और बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि किसी वाद या विवाद की स्थिति में मध्यस्थता का अधिकार रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी के पास सुरक्षित रहेगा।
 
 
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