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राजफैड एवं तिलम संघ ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को बनाया आसान हाथोंहाथ पंजीयन कराएं और घर बैठे खाते में उपज की राशि पाएं
जयपुर, 7 अप्रेल। रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर हो रही गेहूं खरीद को इस बार राजफैड एवं तिलम संघ ने आसान बनाकर किसानों को राहत दी है। किसान अब अपने घर के आस-पास के ई-मित्र केंद्र या नजदीकी खरीद केंद्र पर जाएं और हाथोंहाथ अपना रजिस्टे्रशन कराएं। किसान रजिस्टे्रशन करवाते वक्त भामाशाह कार्ड, गिरदावरी एवं बैंक पासबुक को साथ ले जाएं। उन्होंने बताया कि पूर्व में जितनी भी खरीद हुई है, उनमें किसानों को तक खरीद केंद्र पर अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और केंद्र पर अव्यवस्थाएं उत्पन्न हो जाती थीं, जिससे एक दिन में बहुत कम किसानों से ही खरीद सम्भव हो पाती थी। श्री अभय कुमार ने बताया कि किसान ऑनलाइन पंजीयन करवाकर अपनी उपज सीधे ही खरीद केंद्र पर बेचने के लिए ले जाएं। इससे भुगतान भी सीधा किसान के खाते में होता है और वह तय समय में अपने खेती संबंधी कार्यों को पूर्ण कर पाता है। राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि पहले खरीद एजेंसी से भुगतान प्राप्त होने के बाद केवीएसएस द्वारा चेक बनाने में काफी वक्त लिया जाता था। किसानों को चेक लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे और चेक क्लियर होने में भी समय लगता था। किसानों को वर्ष 2016 में मूंग की खरीद का भुगतान प्राप्त करने में इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था, लेकिन ऑनलाइन पंजीयन से अब यह काम बहुत आसान और समय पर होने लगा है। डॉ. प्रधान ने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन का बड़ा फायदा अब किसानों को महसूस भी होने लगा है। उदाहरण के तौर पर हाल ही जब नैफेड से 27 मार्च को राजफैड को भुगतान प्राप्त हुआ तो 43 हजार से अधिक किसानों के खातों में 31 मार्च को ही पैसा पहुंच गया, जिससे किसान अपने बिजली बिल चुकता करने के साथ ही अन्य आवश्यक कार्य समय पर कर सके। ऑफलाइन खरीद होने पर यह किसी भी स्थिति में सम्भव नहीं हो पाता। उल्लेखनीय है कि कोटा संभाग में 15 मार्च से तथा प्रदेश के अन्य जिलों में एक अप्रेल से गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हो गई है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रूपए प्रति क्विण्टल निर्धारित किया गया है।
 
 
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