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समर्थन मूल्य पर खरीद राज्य में 12,256 मैट्रिक टन की हुई खरीद दो लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण
जयपुर, 3 अप्रेल। राज्य के सभी संभागों में समर्थन मूल्य पर 2 अप्रेल से प्रारम्भ हुई सरसों एवं चना खरीद के लिये 2 लाख 30 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन करवा लिया है। अबतक राजफैड के द्वारा 52 करोड़ 79 लाख रुपये मूल्य के चना एवं सरसों की 12,256.15 मैट्रिक टन उपज किसानों से खरीदी जा चुकी है। यह जानकारी प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को सरसों, चना एवं गेहूं का वाजिब दाम दिलाने के लिये सरसों के 208, चना के 166 एवं गेहूं के 95 केन्द्र राजफैड ने खोले हैं। उन्होंने बताया कि कोटा संभाग में 15 मार्च से सरसों, चना एवं गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है जबकि श्रीगंगानगर जिले में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रेल से गेहूं की खरीद भी प्रारम्भ हो चुकी है। राजफैड ने प्रारम्भ किया गेहूं का ऑनलाइन पंजीयन श्री कुमार ने बताया कि राजफैड द्वारा गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों की उपज को खरीदने के लिये ईमित्र केन्द्र या सहकारी खरीद केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा प्रारम्भ की गयी है। अब राजफैड द्वारा स्थापित केन्द्रों के माध्यम से किसान अपनी गेहूं की उपज को बेचने के लिये भामाशाह कार्ड एवं गिरदावरी के आधार पर पंजीयन करवा सकता है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीयन कराने के बाद संबंधित केन्द्र पर गेहूं की उपज को बेच सकेगा। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि पहिले गेहूं बेचान के लिये ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था एफसीआई के पोर्टल पर ही थी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने एफसीआई पोर्टल पर पंजीयन करा लिया है, ऐसे किसानों का खरीद केन्द्र पर त्वरित पंजीयन कर उनकी उपज को उसी समय खरीद लेंगे। राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि 4 लाख मैट्रिक टन चना एवं 8 लाख मैट्रिक टन सरसों की खरीद की जायेगी। उन्होंने बताया कि सरसों के लिये 4 हजार रुपये, चना के लिये 4 हजार 400 रुपये एवं गेहूं के लिये 1735 रुपये मय बोनस समर्थन मूल्य निर्धारित है। डॉ. प्रधान ने बताया कि यदि किसी किसान को समर्थन मूल्य पर सरसों, गेहूं एवं चना के बेचान के संबंध में समस्या समाधान के लिये जिला स्तर पर कार्यालय जिला उप रजिस्ट्रार में समस्या निवारण केन्द्र बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर समस्या समाधान के लिये राजफैड में कण्ट्रोल रूम बनाया गया है, जिला स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर किसान टोलफ्री नम्बर 18001806001 पर फोन कर उसका निवारण प्राप्त कर सकता है।
 
 
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