मुख पृष्ठ
Home
 
किसानों को बड़ी राहत बटाईदार एवं संयुक्त खातेदारी वाले किसानों से भी होगी अब समर्थन मूल्य पर खरीद
जयपुर, 17 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने शनिवार को बताया कि अब बटाईदार व संयुक्त खातेदारी वाले किसानों से भी समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चना खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने बटाईदार व संयुक्त खातेदारी वाले किसानों के हित में फैसला लेने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब ऐसे किसानों को भी समर्थन मूल्य से होने वाली खरीद से उपज का उचित मूल्य मिलेगा। श्री किलक ने बताया कि किसान को बटाईदार की स्थिति में कृषि भूमि मालिक एवं काश्त करने वाले किसान के मध्य नॉन-ज्यूडिशियल पेपर पर एक अनुबन्ध करना होगा जिसमें कृषि भूमि मालिक की पहचान के लिए आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, गिरदावरी व बैंक खाता संख्या अंकित किया गया हो। उन्होंने बताया कि काश्तकार को अनुबन्ध का पत्र खरीद केन्द्र पर खरीद पर्ची भरते समय मूल दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि संयुक्त खातेदारी वाले किसानों से भी समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चने की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे किसान जिनकी कृषि भूमि पर संयुक्त खातेदारी है एवं भामाशाह कार्ड एक ही महिला के नाम है और गिरदावरी में उनके नाम के हिस्से अंकित है तो प्रत्येक हिस्सेदार किसान अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। प्रत्येक हिस्सेदार अपना बैंक खाता नम्बर भी दे जिससे उपज का भुगतान सीधे उसके खाते में जमा हो सके। प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि कोटा संभाग को छोड़कर राज्य के शेष संभागों में 2 अप्रेल से सरसों एवं चना खरीद शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोटा संभाग में 15 मार्च से खरीद शुरू हो चुकी है एवं अब तक लगभग 900 मैट्रिक टन खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 45 हजार से अधिक किसानों ने खरीद के लिए पंजीयन करा लिया है। राजफैड प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बताया कि कोटा संभाग में 12 मार्च से एवं अन्य संभागों के किसानों के लिए 14 मार्च से ऑनलाइन पंजीयन प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास भामाशाह कार्ड नहीं है उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसान ई-मित्र केन्द्र पर जाकर भामाशाह कार्ड के लिए आवेदन करने पर आवंटित एनरोलमेंट नम्बर के द्वारा ऑनलाइन पंजीयन करवा सकेंगे।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.