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सभी केवीएसएस पर बनेंगे समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र प्रदेश में 14 मार्च से किसान करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन -सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक
जयपुर, 12 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को बताया कि अधिक से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चने की खरीद को सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सभी क्रय विक्रय सहकारी समितियों में खरीद के लिए केन्द्र बनाए जायेंगे। उन्होंने बताया कि इससे किसान को अपनी फसल को बेचने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। प्रारम्भिक तौर पर 178 सरसों के तथा 127 चने के खरीद केन्‍द्र खोले जा चुके हैं। श्री किलक समर्थन मूल्य पर खरीद की तैयारियों के लिए खरीद केन्द्र प्रभारियों, जिला उप रजिस्ट्रार, खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार की नेहरू सहकार भवन में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के उप रजिस्ट्रार कार्यालय में समस्या निवारण केन्द्र भी बनाया जाएगा ताकि किसान की समस्या का जिला स्तर पर ही निवारण हो सके। उन्‍होंने कहा कि कोटा संभाग के किसानों के लिए 12 मार्च से ऑनलाइन प्रारम्‍भ हो गया है और राज्‍य के अन्‍य संभागों के किसान 14 मार्च से ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि जिन किसानों के पास भामाशाह कार्ड नहीं है उन्‍हें परेशान होने की आवश्‍यकता नहीं है। ऐसे किसान ई-मित्र केन्‍द्र पर जाकर भामाशाह कार्ड के लिए आवेदन करने पर आवंटित एनरोलमेंट नम्‍बर के द्वारा ऑनलाइन पंजीयन करवा सकेंगे। सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस बार खरीद केन्द्रों पर सर्वेयर के स्थान पर व्यवस्थापक, कृषि मण्डी सचिव एवं सहकारिता निरीक्षक की कमेटी बनाई गई है जो किसान की फसल का एफएक्यू मापदण्डों के आधार पर मूल्यांकन करेगी। इस व्यवस्था से किसानों की फसल का सही ढंग से मूल्यांकन संभव हो सकेगा। श्री किलक ने कहा कि भारत सरकार की नीति के अनुसार एक बार में किसान से अधिकतम 25 क्विंटल उपज की खरीद की जाएगी। उन्‍होंने कहा कि पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों से उपज की खरीद हो जाने पर भारत सरकार द्वारा दिये गये खरीद के टारगेट तक ज्‍यादा उपज वाले किसानों से पुन: उपज की खरीद की जायेगी। श्री किलक ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद कार्य में लगे कर्मचारियों एवं अधिकारियों को प्रोत्साहन देने के लिए इन्सेंटिव दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी खरीद केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं चाक चौबन्द कर ली जाएं। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि बारदान की व्यवस्था, हैण्डलिंग या भण्डारण की व्यवस्था नहीं होने के आधार पर खरीद का कार्य नहीं रूकना चाहिए। राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने कहा कि खरीद केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा खरीद का कार्य सुव्यवस्थित ढंग से हो इसको सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला उप रजिस्ट्रार एवं खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार खरीद केन्द्रों का विजिट कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। डॉ. प्रधान ने कहा कि किसानों को खरीद केन्‍द्र पर एफएक्‍यू मापदण्‍ड के अनुसार सुगमता से अपनी फसल के बेचान के लिए उपज को साफ करके लाना चाहिए। इससे किसान को उपज की तुलाई के समय समस्‍या नहीं होगी और एक दिन में अधिक किसानों से तुलाई करवाया जाना संभव हो सकेगा। कार्यशाला में अतिरिक्त रजिस्ट्रार(प्रथम) श्री जी एल स्वामी, वित्तीय सलाहकार राजफैड श्री अचलेश्वर, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) श्री उत्तम चंद तोषावड़ा, महाप्रबंधक राजफैड श्री संजय माथुर सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा राजफैड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
 
 
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