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समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चने की खरीद कोटा संभाग से होगी 14 मार्च से प्रारम्भ अन्य संभागों में 4 अप्रेल से होगी खरीद शुरू
जयपुर, 28 फरवरी। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के प्रयासों से भारत सरकार ने प्रदेश में सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है। श्रीमती राजे की किसानों के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है कि किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों का उचित मूल्य मिलेगा। राजफैड 14 मार्च से कोटा संभाग के 20 केन्द्रों पर सरसों एवं 13 केन्द्रों पर चना की समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा तथा 4 अप्रेल से अन्य संभागों में राजफैड खरीद प्रारम्भ कर देगा। यह जानकारी बुधवार को सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने दी। श्री किलक ने बताया किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रदेश में मूंग, मूंगफली, उड़द एवं सोयाबीन की खरीद की भांति ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि किसान ऑनलाईन पंजीकरण ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों(केवीएसएस) के माध्यम से करा सकता है। ई-मित्र से पंजीकरण कराने पर किसान को 21 रुपये तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के खरीद केन्द्र पर पंजीकरण कराने के लिए किसान को 10 रुपये का भुगतान करना होगा। सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऑनलाईन पंजीकरण के दौरान भामाशाह कार्ड नम्बर एवं खसरा गिरदावरी देनी होगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी। श्री किलक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा किसानों को उनकी सरसों एवं चने की उपज का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इस बजट में राजफैड को 500 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि इस बार किसान को उपज का भुगतान सीधे ही उसके खाते में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खरीद के दौरान कई बार ऑफलाईन पंजीकरण से जुड़ी अव्यवस्थाओं की वजह से किसान को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसमें सुधार करते हुए पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था प्रारम्भ की है। उन्होंने बताया कि राज्य में सरसों खरीद के लिए 178 केन्द्र तथा चना खरीद के लिए 127 केन्द्र बनाए गए हैं। सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्ष 2018-19 के लिए सरसों के लिए 4000 रुपए तथा चना के लिए 4400 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस के साथ घोषित किया है। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार कांटों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।
 
 
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