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व्यवस्थापकों के हित में बड़ा फैसला प्रदेश के 1000 अस्थाई व्यवस्थापक होंगे स्थाई,
नियमों में दी शिथिलता, अप्रेल माह तक पूर्ण होगी स्क्रिनिंग जयपुर, 28 फरवरी। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बुधवार को बताया कि पैक्स /लैम्पस के अस्थाई व्यवस्थापकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अप्रेल माह तक स्क्रिनिंग कर उन्हें स्थाई किया जाएगा। इससे प्रदेश के लगभग 1000 व्यवस्थापकों का स्थाईकरण होगा और उन्हें नियमित ग्रेड पे जैसी सुविधाएं मिलेंगी। श्री किलक ने बताया कि संशोधन के तहत स्क्रिनिंग के समय यदि कार्मिक ने स्नातक की शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर ली है तो उसे स्क्रिनिंग के लिए पात्र माना जाएगा। इसी प्रकार यदि कोई व्यवस्थापक एक से अधिक समितियों में कार्यरत रहा है तो उन सभी समितियों का कार्यानुभव पात्रता में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि काफी समय से व्यवस्थापकों की स्क्रिनिंग को लेकर समस्याएं आ रही थी उसको दूर करते हुए शैक्षणिक नियमों एवं अनुभव में शिथिलता प्रदान की है। इससे ग्राम सेवा सहकारी समितियों में सेवाएं दे रहे कार्मिक जिनके पास नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता नहीं थी तथा जिस समिति में व्यवस्थापक के पद के लिए स्क्रिनिंग की जा रही है उस समिति में पर्याप्त कार्य अनुभव नहीं था, उन्हें नियमों में शिथिलता देकर स्क्रिनिंग प्रक्रिया के माध्यम से स्थाई किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि सहकारिता मंत्री श्री किलक ने विधानसभा में सहकारिता की मांग के दौरान व्यवस्थापकों की स्क्रिनिंग को शीघ्र कराने की घोषणा की थी। विभाग ने घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए व्यवस्थापकों के सेवा नियमों में संशोधन कर स्क्रिनिंग की प्रक्रिया को शुरू कर दी है।
 
 
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