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सहकारिता की मांगे ध्वनिमत से पारित • कर्जमाफी से लाखों किसान परिवारों में खुशी का संचार • सहकारी संस्थाओं में 1000 से अधिक पदों पर होगी भर्ती • किसानों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा 1 अप्रेल से होगा 10 लाख रुपए का • 6365 पैक्स/लैम्पस का किया जाएगा कम्प्यूटराईजेशन • सहकारी बैंकों में मोबाइल बैंकिंग, आईएमपीएस, यूपीआई एवं भीम जैसी सुविधाएं होंगी प्रारम्भ • सहकार किसान कल्याण योजना में मिलेगा 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान • पीएलडीबी के दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर मिलेगा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान • 173 केन्‍द्रों पर सरसों एवं 113 केन्‍द्रों पर चने की समर्थन मूल्य पर होगी खरीद • 10 केवीएसएस में 250 मीट्रिक टन क्षमता के बनेंगे गोदाम • 100 नवगठित पैक्स/लैम्पस में बनेंगे 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम • सवाईमाधोपुर, करौली, अलवर, टोंक एवं झालावाड़ में आईसीडीपी का द्वितीय चरण होगा शुरू • नेहरू सहकार भवन का होगा रिनोवेशन एवं करौली में बनेगा नया सहकार भवन • व्यवस्थापकों की बकाया स्कि्रनिंग होगी शीघ्र • सर्वांगीण महिला विकास सहकारी समितियों को मिलेगा 200 करोड़ रुपए का ऋण
जयपुर, 26 फरवरी। सहकारिता एवं गोपालन मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को राज्य विधान सभा में कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा कर्जमाफी की घोषणा से लाखों किसान परिवारों में खुशी का संचार हुआ है और देश की आजादी के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इतना साहसिक निर्णय किया है। श्री किलक सदन में मांग संख्या 36 सहकारिता पर हुई बहस का जबाव दे रहे थे। बहस के बाद सदन ने सहकारिता की 14 अरब 78 करोड़ 03 लाख 28 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनि मत से पारित कर दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की इस बजट घोषणा से पहली बार ओवरड्यू ऋण के साथ-साथ आउटस्टेंडिंग अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार रुपए तक के कर्जे एकबारीय माफ होंगे और प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसानों को इसका फायदा मिलेगा। श्री किलक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे द्वारा बजट में राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग के गठन की घोषणा की है। यह आयोग स्थाई संस्था के रूप में करेगा तथा किसान आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखकर मेरिट के आधार पर राहत प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया आयोग के गठन के लिए गृहमंत्री की अध्यक्षता में एक अन्तरविभागीय कमेटी का गठन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राजस्थान ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण करने में देश में अग्रणी है और हमारी सरकार ने चार वर्षों में 61,544 करोड़ रुपए से अधिक ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण किया है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में मात्र 24,875 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित किया था। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में किसानों को और अधिक ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण किया जाएगा। सहकारिता मंत्री ने सदन में घोषणा की कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में 1000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय पर ऋणों का चुकारा करने वाले किसानों को सहकार किसान कल्याण योजना में 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के दीर्घ कालीन कृषि ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों को क्रमश 9 प्रतिशत एवं 5.50 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में र्कामिकों की भर्ती में पारर्दशिता लाने एवं रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती के लिए राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी। सभी प्रकार की र्भतियों में साक्षात्कार को समाप्त कर दिया गया है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में जीएसएस नहीं हैं,वहां मापदण्ड़ पूरा होते ही जीएसएस का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं भदेसर में क्रय-विक्रय सहकारी समिति के गठन की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा कि 6365 पैक्स/लैम्पस का तीन वर्षों में कम्प्यूटराईजेशन किया जाएगा इसके लिए वर्ष 2018-18 में 22.28 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री किलक ने कहा कि हमारी केन्द्रीय सहकारी बैंकों की सभी शाखाएं कोर बैंकिंग सोल्यूशन प्लेटफार्म पर हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों द्वारा मोबाइल बैंकिंग सेवाएं प्रारम्भ की जाएंगी, जिससे आईएमपीएस, यूपीआई, भीम, मोबाइल वॉलेट जैसी अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रारम्भ हो सके। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा शुरू की थी जिसमें बीमा क्लेम 50 हजार से बढ़ाकर 6 लाख रुपए किया गया था जिसे अब 1 अप्रेल से बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार वर्षों में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में 16.48 करोड़ रुपए का प्रीमियम किसानों से लिया और क्लेम के रूप में 29.70 करोड़ रुपए का भुगतान किया। जबकि सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना में किसानों से मात्र 210.48 करोड़ रुपए का प्रीमियम लिया और क्लेम के रूप में 61.48 करोड़ रुपए का भुगतान किया। यह हमारी किसान हितेषी नीति का परिणाम है। श्री किलक ने कहा कि हमारी सरकार ने चार वर्षों में 1277 गोदामों का निर्माण कर राज्य की भण्डारण क्षमता 1 लाख 44 हजार 350 मीट्रिक टन की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि नवगठित 100 जीएसएस में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम तथा नवगठित 10 केवीएसएस में 250-250 मैट्रिक टन क्षमता के 10 नए गोदाम बनाए जाएंगे। इस बार से नवगठित जीएसएस में गोदाम एवं कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 2 लाख रुपए अतिरिक्त सहित कुल 12 लाख रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने कहा कि वर्तमान में सीकर, जालौर एवं बांसवाड़ा जिलों में आईसीडीपी योजना में चल रही है तथा वर्ष 2018-19 में अलवर, सवाईमाधोपुर, करौली, टोंक एवं झालावाड़ जिलों में इस योजना का द्वितीय चरण प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यवस्थापकों की बकाया स्कि्रनिंग करवाई जाएगी तथा जिन व्यवस्थापकों द्वारा वर्तमान में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर ली है उन्हें स्कि्रनिंग में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जयपुर स्थित नेहरू सहकार भवन का मरम्मत एवं रिनोवेशन का कार्य आगामी वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपए की लागत से करवाया जाएगा। इसी के साथ करौली में नए सहकार भवन के निर्माण तथा विभिन्न जिलों में स्थित सहकार भवनों की मरम्मत एवं रिनोवेशन का कार्य 2.50 करोड़ रुपए की लागत से करवाया जाएगा। श्री किलक ने कहा कि हमने चार वर्षों में समर्थन मूल्य एवं पीएसएफ योजना के तहत प्रदेश के लाखों किसानों से 6504 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 21.10 लाख मीट्रिक टन कृषि जिन्सों की खरीद कर उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाया। जबकि गत सरकार ने अपने पांच वर्षों में 1180 करोड़ रुपए से कृषि जिन्सों की खरीद की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 173 सरसों एवं113 चने की खरीद की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए 158 महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समितियों का गठन कर 4 लाख 74 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 100 महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समितियों का गठन कर 2.50 लाख महिलाओं को और जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि ऎसी समितियों को 200 करोड़ रुपए का ऋण मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पिनफैड की बन्द हो चुकी इकाइयों में कार्यरत रहे 2270 कर्मचारियों एवं श्रमिकों में 1156 ने स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली है और उन्हें नियमानुसार भुगतान कर दिया है। शेष कर्मचारियों को शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग एवं सहकारी संस्थाओं में नियोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बजट में स्पिनफैड के श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना में 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे पहले सहकारिता मंत्री ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि अनुदान मांगों के संदर्भ में 100 से ज्यादा कटौती प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिनका जबाव भिजवा दिया गया है।
 
 
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