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प्रदेश में किसान को औसतन 58 हजार रुपये का किया ब्याज मुक्त ऋण का वितरण
जयपुर, 23 फरवरी। सहकारिता मंत्री श्री अजयसिंह किलक ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में बताया कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को औसतन 58 हजार रुपये का अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरण हुआ है, जो एक रिकार्ड है। श्री किलक प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों को बांटा था और हमारी सरकार ने चार वर्षों में 61 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण किसानों को वितरित कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों को वित्तीय संसाधनों के आधार पर ऋण वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा की गई बजट घोषणा में 30 सितम्बर,2017 तक लघु एवं सीमान्त किसानों के ओवरड्यू ऋण में समस्त ब्याज एवं शास्तियों को माफ किया गया है और लघु एवं सीमान्त किसानों 30 सितम्बर,2017 तक आऊट स्टेंडिंग अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक का कर्ज माफ हो रहा है। इससे प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक से जुड़े भरतपुर एवं धौलपुर जिलों के एक लाख 2 हजार 517 किसानों का लगभग 337 करोड़ रुपये का ऋण माफ होगा। जबकि यूपीए सरकार के समय भरतपुर जिले के 27 हजार 736 किसानों के मात्र 47.09 करोड़ रुपये माफ हुए थे। उन्होंने कहा कि वैर क्षेत्र में गत सरकार ने पांच वर्षों में किसानों को 135.38 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया था जबकि हमने चार वर्षों में 243.25 करोड़ रुपये किसानों को बांटा हैं तथा रबी का वितरण अभी चालू है। इससे पहले विधायक श्री भजन लाल के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए श्री किलक ने विधानसभा क्षेत्र वैर में केन्द्रीय सहकारी बैंक भरतपुर द्वारा वर्ष 2017-18 में खरीफ एवं रबी ऋण वितरण के लक्ष्य एवं 31 जनवरी,2018 तक के ऋण वितरण की जानकारी सदन के पटल पर रखी । उन्होंने बताया कि फूड़ प्रोसेसिंग इकाई की स्थापना राज्य सरकार स्वयं नहीं करती वरन उद्यमियों को इकाई की स्थापना हेतु प्रेरित करती है।
 
 
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