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राज्य के इतिहास में पहली बार किया गया किसानाें का ऋण माफ -कर्ज माफी से प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर- सहकारिता मंत्री
जयपुर, 20 फरवरी। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार हमारी सरकार ने किसानों का ऋण माफ करके ऎतिहासिक काम किया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हुई कर्ज माफी की घोषणा से प्रदेश के समस्त किसानों में खुशी की लहर है। श्री किलक प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की अनुपालना में एक उच्च स्तरीय अन्तरविभागीय समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग के दायरे में आने वाले कृषकों की श्रेणियों का वर्गीकरण या निर्धारण, प्रदान की जाने वाली राहत की सीमा, प्रकार व प्रक्रिया का निर्धारण करेगी। और, अगर गैर सहकारी बैंक अथवा अन्य बैंकों को आयोग के दायरे में शामिल किया जाना है, तो उनको शामिल किए जाने की शर्तो का निर्धारण करेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति निष्पक्ष रूप से कार्य करेगी और किसी भी किसान के साथ द्वेषात्मक भावना के साथ निर्णय नहीं करेगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस कर्ज माफी की घोषणा से प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। प्रदेश के किसानों का 8 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन्होंने खुद कुछ नहीं किया, वो आज हम पर कैसे उंगली उठा सकते हैं। श्री किलक ने कहा कि फसल खराबा होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद के लिए पहली बार रिकॉर्ड 232 खरीद केन्द्र खोले गए थे, जबकि पूववर्ती सरकार के कार्यकाल में मात्र 131 खरीद केन्द्र खोले गए थे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि विधायकों द्वारा उनके क्षेत्र में और खरीद केन्द्र खोलने का प्रस्ताव मिलेगा, तो उस पर विचार किया जाएगा। इससे पहले विधायक श्री नंदकिशोर महरिया के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री श्री किलक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी की मांग के संदर्भ में दिये जाने वाले निर्णय के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन मंत्री मण्डल सचिवालय द्वारा जारी आज्ञा 10 अक्टूबर, 2017 से किया गया था। उन्होंने कहा कि कमेटी स्तर पर किसानों की कर्ज माफी से संबंधित मांग पर विचारण-विश्लेषण के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा अपने बजट भाषण में निम्न घोषणाएं की गई है। घोषणाओं के अनुसार लघु एवं सीमान्त कृषकों के सहकारी बैंकों में 30 सितम्बर, 2017 को ओवरड्यू ऋण में समस्त शास्तियों एवं ब्याज माफी, सहकारी बैंकों के लघु एवं सीमान्त कृषकों के 30 सितम्बर, 2017 तक आउटस्टैण्डिंग अल्पकालीन फसली ऋण में से रुपये 50 हजार तक के कर्जे की एकबारीय माफी, इसके अलावा अतिरिक्त राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग के गठन की घोषणा की गई है। कृषक इस आयोग के सामने अपना पक्ष रखकर मैरिट के आधार पर राहत प्राप्त कर सकेंगे। किसानों की समस्त फसलों की सम्पूर्ण उपज की समर्थन मूल्य पर खरीद किये जाने का प्रावधान नहीं है। जिन फसलों का समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा घोषित किया जाता है, उनकी भारत सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा अनुसार समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। न्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिश पर भारत सरकार द्वारा किया जाता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिधि में मेहंदी, चौला, जीरा, धनियां, लहसुन, ईसबगोल, ग्वारपाठा व अरण्डी आदि को शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा क्रमशः दिनांक 14.10.14, 22.04.15 एवं 04.07.17 को भारत सरकार से अनुरोध किया गया है।
 
 
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