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किसानों को राहत देने के लिए उठाया कदम नागौर जिले के खरीद केन्द्रों पर बढ़ाए तौल कांटें 25 सहकारी निरीक्षकों को खरीद केन्द्रों पर लगाया
जयपुर, 2 दिसम्बर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री अभय कुमार ने शनिवार को बताया कि नागौर जिले में मूंग की बम्पर पैदावार एवं किसानों द्वारा कराए गए ऑनलाइन पंजीयन की संख्या को देखते हुए नागौर जिले में 13 अतिरिक्त खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन केन्द्रों पर तय समय सीमा में अधिक से अधिक किसानों से मूंग की खरीद सुनिश्चित करने के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर अतिरिक्त 25 सहकारी निरीक्षकों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। श्री कुमार ने राजफैड में समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीद की समीक्षा करते हुए बताया कि नागौर जिले के 75 हजार से अधिक किसानों ने मूंग के बेचान के लिए पंजीयन करवाया है जो राज्य के कुल पंजीयन के 40 प्रतिशत से अधिक है। जिले में मूंग की बम्पर पैदावार एवं पंजीयन की संख्या को देखते हुए सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने नागौर जिले के खरीद केन्द्रों पर मूंग की खरीद में तेजी लाकर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्री के दिशा निर्देशों की पालना में नागौर जिले के 13 खरीद केन्द्रों निमोद, मेड़ता सिटी, नागौर भण्ड़ार, डीड़वाना, कुचामन सिटी, परबतसर, रिंयाबड़ी, जायल, कुचेरा, बेंसरोली, डेगाना, नागौर एवं नागौर (अति.) केन्द्रों पर तौल कांटों की संख्या में इजाफा करते हुए अतिरिक्त मानव संसाधन देने का निर्णय किया गया है। उन्होंने बताया कि नागौर जिले में खरीद कार्य की नियमित एवं प्रभावी मोनेटरिंग को सुनिश्चित करने के लिए अजमेर खण्ड के खण्डीय रजिस्ट्रार का अस्थाई मुख्यालय नागौर किया गया है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि नागौर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक को खरीद कार्य में सहयोग करने के लिए केन्द्र के आसपास की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के चार-चार व्यवस्थापकों को खरीद केन्द्रों पर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस व्यवस्था से अब एक दिन में अधिक किसानों से मूंग की तुलाई करवाया जाना संभव हो सकेगा। श्री कुमार ने बताया कि अतिरिक्त खरीद केन्द्र बनाने तथा इन पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाए जाने के कारण अतिरिक्त बारदाना की आवश्यकता होगी। बारदाना की कमी के कारण खरीद को प्रभावित नहीं होने देने के लिए नैफैड एवं स्थानीय वेंडरों से बारदाना की व्यवस्था की जा रही है क्योंकि नैफैड के माध्यम से खरीदे जा रहे बारदाना की डिलेवरी में 8 से 10 दिन का समय लगने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 1 हजार 2 सौ 62 करोड़ रुपए से अधिक की मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद की जा चुकी है और किसानों को 7 सौ 94 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे ही उनके खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा चुका है शेष राशि का सात दिवस में भुगतान करने की व्यवस्था की जा रही है।
 
 
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