मुख पृष्ठ
Home
 
सहकारिता एक प्राणदायी संकल्पना है जो समाज में भाईचारे एवं सामाजिक सोहार्द्र को बढ़ाने में सहायक है -प्रशासक डॉ. प्रधान
जयपुर, 15 नवम्बर। उपभोक्ता संघ की प्रशासक एवं राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने बुधवार को कहा कि सहकारिता एक प्राणदायी संकल्पना है जो समाज में भाईचारे एवं सामाजिक सोहार्द्र को बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। सहकारिता हमें एक निश्चित उद्देश्‍य की प्राप्ति के लिए एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन के हर कदम पर इसकी उपयोगिता है और इससे जीवन में चतुर्मुखी विकास संभव है। डॉ. प्रधान 64वें अखिल भारतीय सहकार सप्ताह के दूसरे दिन सहकार भवन स्थित सभागार में ’सहकारिता : उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक’‘विषय पर सहकारजन को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने एक प्रसिद्ध गीत की पंक्ति ‘एक अकेला थक जाएगा मिलकर बोझ उठाना...’ को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि हम मिलकर काम करें तो ऐसा कोई कार्य नहीं है जिसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सके। प्रशासक डॉ. प्रधान ने कहा कि सहकारिता टीमवर्क को बढ़ावा देकर व्यक्ति में लीडरशिप के गुणों का विकास करता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का ही प्रयास है कि अमूल एवं सरस के दूध के विभिन्न उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंच सके हैं और इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक प्रगति संभव हो सकी है। सहकारिता में समर्पण का महत्व है, इसके बिना लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। इस अवसर पर सहकारजन को उपभोक्ता संघ के प्रबंध निदेशक श्री उत्तम चंद तोषावड़ा, महाप्रबंधक श्री लखेश्‍वर सिंह चौहान, श्री आर.एस. चौहान, सुश्री वैशाली शर्मा, श्री रणधीर सिंह आदि वक्ताओं ने संबोधित किया।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.