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सहकारी विभाग एवं संस्थाओं का 49 करोड़ 21 लाख रुपए से होगा कम्प्यूटरीकरण ऑनलाईन सेवाओं का होगा विस्तार -सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक
जयपुर, 31 अक्टूबर। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने मंगलवार को बताया कि सूचना तकनीक में तेजी से हो रहे परिवर्तन एवं दैनिक कार्यों में बढ़ती उपयोगिता के मद्देनजर सहकारिता विभाग एवं संस्थाओं का कम्प्यूटरीकरण कर आनलाईन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग, कॉनफैड एवं सहकारी बैंकों के कम्प्यूटरीकरण पर 49 करोड़ 21 लाख 63 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए सूचना प्रोद्यौगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विभाग के प्रस्तावों को राज्य ई-गवर्नेंस मिशन टीम की 70वीं बैठक में इसकी मंजूरी दे दी है। श्री किलक ने बताया कि सूचना प्रोद्यौगिकी आधारित कम्प्यूटरीकरण से सहकारी विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण के लिए संबल मिलेगा और इससे कार्मिकों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि सहकारी विभाग के कम्प्यूटरीकरण पर 15 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपए का व्यय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी विभाग के सभी कार्यालयों एवं अनुभागों के कार्यों में सामंजस्य पैदा हो सकेगा तथा आंतरिक दक्षता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि सहकारी विभाग के कम्प्यूटरीकरण के लिए 10 मुख्य मोड्यूल तैयार किए गए हैं। इनमें एनजीओ या सामाजिक संस्थाओं एवं सहकारी समितियों का पंजीयन, उनकी मोनेटरिंग, सहकारी समितियों का ऑडिट, विभाग की आन्तरिक कार्यप्रणाली एवं उसकी मोनेटरिंग, न्यायालय एवं अधिकरणों के प्रकरण, तिलम संघ, प्राथमिक भूमि विकास बैंक, राईसेम के अलावा डेशबोर्ड एवं वेब पोर्टल प्रमुख हैं। सहकारी दवा व्यवसाय होगा स्ट्रीमलाईन सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य में कॉनफैड एवं सहकारी उपभोक्ता भण्डारों द्वारा किए जा रहे मेडिकल के व्यापार को स्ट्रीमलाईन करने के लिए 455 से अधिक दवा विक्रय केन्द्रों का 13 करोड़ 87 लाख 97 हजार रुपए की लागत से कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। इससे कॉनफैड एवं उपभोक्ता भण्डारों के दवा व्यवसाय की प्रभावी मोनेटरिंग हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करवाया जा रहा है जो पेंशनर के लिए तो सहायक होगा ही साथ ही सहकारी संस्थाओं के कार्यों को सरल करेगा तथा इसमें पारदर्शिता स्थापित होगी। सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए सुशासन महत्वपूर्ण रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए सुशासन एक महत्वपूर्ण घटक है और राज्य सरकार सतत मानव विकास के लिए कम्प्यूटरीकरण एवं सूचना प्रोद्यौगिकी के माध्यम से सुशासन के लिए बेहतर वातावरण देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग, कॉनफैड एवं सहकारी बैंकों के कम्प्यूटरीकरण एवं उनके पूर्व में स्थापित सिस्टम के परिर्वधन के लिए आवश्यक वित्त की व्यवस्था संबंधित के स्तर से की जाएगी। सहकारी बैंकों का आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा अपग्रेड श्री कुमार ने बताया कि दि राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक एवं 29 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के कॉमन डाटा सेंटर एवं डीआर साईट के लिए प्रयोग में लिए जा रहे आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए 20 करोड़ रुपए की कार्य योजना को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उच्च क्षमता का ब्लेड सर्वर स्थापित किया जाएगा, जिससे कम स्थान में अधिक डाटा सुरक्षित हो सकेगा तथा उर्जा में बचत होगी। उन्होंने बताया कि आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए आरेकल से लाईसेंस लिया जाएगा ताकि बैंकिंग डाटा को बेहतर ढंग से प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि कॉनफैड एवं अनुषंगी उपभोक्ता भण्डारों के दवा विक्रय केन्द्रों के एकीकृत नेटवर्क में आने से सहकार संग व्यापार योजना को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जा सकेगा। इस कार्ययोजना के क्रियान्वयन से कार्मिकों की दक्षता में वृद्धि होगी तथा सहकारी संस्थाओं के व्यापार प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
 
 
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