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राजस्थान किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण देने में अग्रणी राज्य कृषि ऋणों पर ब्याज कम करने में प्रथम है राज्य -सहकारिता मंत्री
जयपुर, 25 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे किसानों के प्रति बेहद संवेदनशील है और उनके नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं उन्हें अधिकाधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। यह जानकारी सहकारिता एवं गोपालन मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बुधवार को दी। श्री किलक ने बताया कि किसानों की राह को आसान करने के लिए राज्य सरकार ने कई अभिनव पहल की हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में किसानों की कृषि लागत को कम करने एवं उनकी आय को दुगना करने के उद्देश्य से अब तक 57 हजार 72 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण किया है। जो देश में किसी भी राज्य द्वारा वितरित किए गए ब्याज मुक्त फसली ऋण में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब जैसे राज्य ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण में राजस्थान से काफी पीछे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रबी सीजन के लिए फसली ऋण का वितरण किया जा रहा है। इस साल 21 लाख 25 हजार से अधिक किसानों को 8 हजार 9 सौ करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कार्यकाल में 75 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण कर किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। सबसे कम ब्याज दरों पर ऋण दे रहे हैं सहकारी बैंक सहकारिता मंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद से अभी तक किसानों से दीर्घ कालीन कृषि ऋणों पर 12 प्रतिशत से अधिक ब्याज लिया जा रहा था लेकिन राज्य सरकार ने ब्याज दरों में कमी करने का फैसला किया और 5 प्रतिशत अनुदान देकर ब्याज दर को 6.70 प्रतिशत कर दिया है। सहकारी भूमि विकास बैंकों द्वारा दी जा रही इस प्रतिस्पर्धी ब्याज दर पर कोई भी वाणिज्यिक, निजी एवं राष्ट्रीय बैंक किसानों को दीर्घ कालीन कृषि ऋण नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहकार किसान कल्याण योजना के तहत वितरित ऋणों पर ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की कमी तथा 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर प्रभावी ब्याज दर को मात्र 9 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके इसके लिए उपज रहन ऋण योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर किसानों को मात्र 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सबसे बड़े किसान समूह को सामाजिक सुरक्षा देने में अव्वल राजस्थान सहकारिता मंत्री ने बताया कि किसानों को अधिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा लाभ की राशि को 12 गुणा बढ़ाकर 6 लाख रुपए किया गया है। इसके लिए किसानों से मात्र 27.50 रुपए लिए जा रहे हैं जबकि शेष राशि 27.50 रुपए सहकारी बैंकों द्वारा वहन किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत कृषि ऋण लेने वाले सभी किसानों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मंशा के अनुसार इस बीमा लाभ की राशि को शीघ्र ही 10 लाख रुपए किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्री किलक ने बताया कि राज्य में पहली बार समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद के लिए आॅनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि किसानों को उनकी फसल के लिए लाईन में नहीं लगना पड़े तथा उन्हें उनकी उपज की राशि के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने बताया कि किसानों में इस व्यवस्था के प्रति भारी उत्साह है। समर्थन मूल्य पर खरीद में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए शुरू हुई हैल्पलाईन सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बताया कि राज्य में चल रही समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उनकी समस्याओं का त्वरित एवं सार्थक निराकरण हो सके इसके लिए हैल्पलाईन की शुरूआत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब राज्य में कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के संबंध में आ रही सभी समस्याओं के निराकरण के लिए सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक टोलफ्री नम्बर 1800-180-6001 पर कर सकते हैं।
 
 
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