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राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की साधारण सभा किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नए क्षेत्रों की पहचान कर होगा ऋणों का वितरण बैंक को हुआ 5.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
जयपुर, 16 अक्टूबर। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक राज्य के किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नए क्षेत्रों की पहचान कर ऋणों का वितरण करेगा। इसके लिए क्षेत्रवार सम्भाव्यता का अध्ययन कर नाबार्ड से सहयोग प्राप्त कर ऋण वितरण किया जाएगा। स्वच्छ उर्जा के रूप में प्रचलित हो रही सौर उर्जा के क्षेत्र में ऋण वितरण को प्राथमिकता दी जाएगी। यह जानकारी राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रशासक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) श्री जी. एल. स्वामी ने दी। वितरित होंगे 300 करोड़ रुपये के ऋण बैंक प्रशासक श्री जी. एल. स्वामी ने सोमवार को जयपुर में राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की 53वीं आमसभा को संबोधित करते हुए बताया कि बैंक द्वारा वर्ष 2017-18 की अवधि में 300 करोड़ रुपये का ऋण वितरण करेगा। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में अभी तक किसानों को 100 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण किए जा चुके हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक श्री विजय कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक को वर्ष 2016-17 की अवधि में 5.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है तथा इस अवधि में बैंक के कोषों में 61 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 30 जून को वसूली प्रतिशत की दृष्टि से 13 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों बीकानेर, चित्तोड़गढ़, रायसिंह नगर, बालोतरा, जैसलमेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, बिलाड़ा, हनुमानगढ़, राजसमन्द, भीलवाड़ा, नागौर एवं झुंझुनूं ने बेहतर परिणाम दिए हैं। बैंक दे रहा है सावधि जमाओं पर अधिक ब्याज दर श्री शर्मा ने बताया कि वित्तीय संसाधनों की दृष्टि से नाबार्ड पर निर्भरता को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से 17 प्राथमिक भूमि विकास बैंकों एवं स्वयं एसएलडीबी में सावधि जमा योजना चालू की गई है। इस योजना के तहत 12 माह से 15 की अवधि तक सावधि जमाओं पर 8 प्रतिशत तथा 15 माह से अधिक एवं 24 माह तक की सावधि जमाओं पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को वित्तीय समावेशन के दायरे में लाने तथा वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से उन्हें 0.50 प्रतिशत ब्याज अधिक दिया जा रहा है। प्राथमिक भूमि विकास बैंकों को किया जाएगा ऑनलाईन प्रबन्ध संचालक ने बताया कि राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक तथा प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों में अधिक वित्तीय पारदर्शिता स्थापित करने तथा आमजन को त्वरित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रथम चरण में एसएलडीबी तथा जयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक में कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण करवाया जा चुका है। शीघ्र ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्तर से दोनों संस्थाओं की वर्किंग को ऑनलाईन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद शेष प्राथमिक भूमि विकास बैंकों में चरणबद्ध तरीके से कम्प्यूटरीकरण कर बैंकिंग कार्यव्यवहार को ऑनलाईन किया जाएगा। ये बैंक रहे हैं ऋणों की वसूली तथा वितरण में प्रथम तीन स्थानों पर श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में वसूली के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रथम स्थान पर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक बीकानेर के अध्यक्ष श्री भोमराज आर्य, सचिव श्री साहब राम ताखर सहित उनके स्टाफ को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वूसली में द्वितीय स्थान पर रहे चित्तौड़गढ़ बैंक के प्रशासक श्री आलोक चैधरी एवं सचिव श्री संजय शर्मा तथा तृतीय स्थान पर रहे रायसिंहनगर के अध्यक्ष श्री इन्द्रजीत सिंह रंधावा एवं सचिव श्री राजेन्द्र सिकलीगर को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि वसूली प्रतिशत में सर्वाधिक सुधार के लिए बूंदी बैंक के प्रशासक श्री अमर सिंह एवं सचिव श्री प्रदीप शर्मा को सम्मानित किया गया। आमसभा में सदस्यों ने बैंक की उपलब्धियों की सराहना की। बीकानेर बैंक के अध्यक्ष श्री भोमराज आर्य, भरतपुर अध्यक्ष कु. अभिषेक सिंह, जोधपुर अध्यक्ष श्री गेम्भर सिंह भाटी, पाली अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र काला, सिरोही अध्यक्ष श्री योगेश सिंह राठौड़, चुरू अध्यक्ष श्री ईशरराम, रायसिंहनगर अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह रंधावा, राजसमन्द अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह चौहान, उदयपुर अध्यक्ष श्री रेवाशंकर गायरी तथा बिलाड़ा उपाध्यक्ष श्री नारायण राम परिहार ने अपने विचार प्रकट किये। बैठक में जयपुर प्रशासक डॉ. मोहन लाल यादव, केकडी एवं अजमेर प्रशासक श्री मोहम्मद असलम, टोंक प्रशासक श्री लोकेश कुमार गौतम, अलवर प्रशासक श्री भौमाराम, बूंदी प्रशासक श्री अमरसिंह, कोटा प्रशासक श्री जुगल किशोर मीणा, श्रीगंगानगर प्रशासक श्री विश्राम मीणा, चित्तोड़गढ़ प्रशासक श्री आलोक चैधरी एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधि श्री अशोक पाठक संयुक्त सचिव वित्त श्री अशोक पाठक भी उपस्थित थे। आमसभा में अंकेक्षित लेखों व भावी कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।
 
 
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