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ऋण वसूली के लिए चलेगा अभियान
जयपुर, 9 जनवरी। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की कोर ग्रुप फॉर रिफॉर्म इनिशिएटिव्स (सी.जी.आर.आई.) की बैठक आज सोमवार को सहकार भवन स्थित बैंक के कमेटी रूम में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक के प्रशासक तथा अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) श्री सुरेन्द्र सिंह राठौड ने की, जिन्होंने एजेण्डावार राज्य की भूमि विकास बैंकों की ऋण वसूली एवं एन.पी.ए. की स्थिति तथा व्यवसाय में विविधता के लिए बैंक स्तर पर उठाए जा रहे उपायों से अवगत कराया। बैठक में राष्ट्रीय सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक्स फैडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री के. के. रविन्द्रन ने विभिन्न राज्यों में संचालित भूमि विकास बैंकों तथा थाइलैण्ड की ग्रामीण बैंकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ऋण वसूली एवं बैंकों के संचालन में आ रही समस्याओं एवं उनके द्वारा किए गए उपायों से अवगत कराते हुए ऋणी को ड्यू किष्त की डिमाण्ड की समय पूर्व सूचना देने के लिए विभिन्न उपाय यथा- डाक द्वारा, दूरभाष पर सूचना तथा एसएमएस आदि पर जोर दिया। उन्होंने ऋणी की किश्तोंा का निर्धारण ऋण के उद्देश्यत के आधार पर एवं परिवार की पृष्ठ भूमि के आधार पर किए जाने की सलाह दी। श्री रविन्द्रन ने कहा कि ऐसे ऋणी खाते जिनकी ओवरड्यू की श्रेणी में आने की आशंका होने पर सूची अगस्त या सितम्बर माह में तैयार कर उनमें वसूली के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि बैंक का एन.पी.ए. स्तर में वृद्धि को रोका जा सके। उन्होंने बैंकों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने बाबत वर्तमान आर्थिक परिवेश में लघु अवधि की छोटी जमाओं के संग्रहण की नई योजनाएं लाने की आवश्यंकता पर बल दिया। जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के लकी ड्रॉ आदि की योजना भी लाई जा सकती हैं। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक श्री विजय शर्मा ने बताया कि बैंक एवं प्राथमिक भूमि विकास बैंकों में स्टाफ की बहुत कमी है जिससे ऋण वसूली का कार्य प्रभावित हो रहा है तथा बैंक विभिन्न प्रकार की अन्य योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पा रहे हैं। श्री शर्मा ने अवगत कराया कि बैंक वित्तीय वर्ष में ऋणों की वसूली के प्रभावी अभियान चलाएगी। उन्होंने बैंकों के कम्प्यूटराईजेशन की प्रगति से अवगत कराया। श्री रविन्द्रन ने बैंकों के कम्प्यूटराईजनेशन पर बल दिया। श्री शर्मा द्वारा ऋणी सदस्यों में डिफॉल्टर्स की संख्या बढ़ने पर चिन्ता जताते हुए बताया कि राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास डिफॉर्ल्स की सूची को सिबिल पर अपलोड किए जाना प्रारम्भ किया जाएगा। जिससे डिफॉल्टर्स की संख्या में कमी की जा सके। बैठक में नाबार्ड के प्रतिनिधि, विभागीय संयुक्त रजिस्ट्रार (मोनेटरिंग) श्रीमती सोनल माथुर, भरतपुर पी.एल.डी.बी. सचिव श्री शंकर लाल शर्मा, जयपुर पी.एल.डी.बी. सचिव श्री गोपाल कृष्ण एवं सिरोही पी.एल.डी.बी. सचिव श्री राजेन्द्र दायमा सहित बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।
 
 
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