मुख पृष्ठ
Home
 
देरी से ऋण चुकाने वाले ऋणियों के लिए एकमुश्त समझौता योजना-2016 लागू प्रदेश के लगभग एक लाख किसानों को होगा फायदा -सहकारिता मंत्री
जयपुर, 6 जनवरी। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बताया कि राज्य सहकारी बैंक व केन्द्रीय सहकारी बैंक द्वारा दिए गए ऐसे ऋण जो एन.पी.ए. या ओवरड्यू हो गए हैं, के चुकारे के लिए एक मुश्त् समझौता योजना-2016 लागू की गई है। यह योजना 31 मार्च, 2017 तक लागू रहेगी। इस योजना से ऐसे ऋणियों एवं किसानों को फायदा होगा, जो किन्हीं कारणों से अपने ऋणों का समय पर नहीं चुका पाए थे। उन्होंने बताया कि इस योजना में ऋण के अवधिपार होने की दिनांक से राशि चुकाने की दिनांक तक ऋण स्वीकृति पत्र में अंकित ब्याज दर या 10 प्रतिशत ब्याज दर, जो भी कम हो, साधारण ब्याज वसूल किया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के लगभग एक लाख किसानों को फायदा होगा। श्री किलक ने बताया कि इस योजना से केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं राज्य सहकारी बैंक के वित्तीय संसाधनों को पुनः ऋण वितरण हेतु काम लाया जा सकेगा। इस योजना में अधिक से अधिक बाकीदारों को शामिल करने तथा योजना के प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुखी बनाने के लिए पूर्ववर्ती योजना के नियमों में ढ़ील दी गई है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि यह योजना में पैक्स/लैम्पस के द्वारा दिए गए ऋणों पर भी लागू होगी, जो कि एन.पी.ए. या ओवर ड्यू हो गए हैं। किस प्रकार ले सकते हैं ऋणी सदस्य इसका फायदा सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बताया कि ऋणी को योजना का लाभ लेने के लिए देय राशि एकमुश्तक समझौता तिथि को या 31 मार्च, 2016 को खाते में बकाया की न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि समझौता आवेदन पत्र के साथ जमा करानी होगी। समझौता अंतर्गत देय शेष बकाया राशि एकमुश्तय या अधिकतम तीन बराबर किश्तों में दिनांक 31 मार्च, 2017 से पूर्व जमा कराना आवश्यबक होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में ऐसे न्यायिक प्रकरणों से संबंधित एन.पी.ए. या ओवर ड्यू ऋण खातों को सम्मिलित किया जा सकेगा, जिनमें ऋणी न्यायालय से वाद वापिस ले लेगा।
 
 
Site designed & hosted by National Informatics Centre.
Contents provided by Department of Cooperation, Govt. of Rajasthan.