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सहकारी समितियों का नवाचार- अब गांवों में शहरी तर्ज पर जिम, सुपर मार्केट एवं फास्ट फूड रेस्टोरेंट
जयपुर, 21 दिसम्बर। प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना ग्राम पंचायतों के स्तर पर कृषकों को उनकी कृषि आदानों की आपूर्ति सुनिश्वित करने के लिए की गई। जैसे-जैसे गांवों में जीवन शैली में परिवर्तन हुआ ग्राम सेवा सहकारी समितियों ने भी अपनी कार्यशैली एवं प्रदत सेवाओं में भी बदलाव का अनुसरण किया। अब ग्राम सेवा समितियाँ कृषि आवश्यकताओं के लिए साख उपलब्ध कराने एवं खाद-बीज के क्रय-विक्रय तक ही सीमित नही रही हैं। समितियों ने बदलते परिवेश में अपने सदस्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए मिनी बैंक, सुपर मार्केट, फास्ट फूड सेंटर एवं जिम जैसी सुविधायें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि लोगों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये ग्राम सेवा सहकारी समितियों के स्तर पर उचित मूल्य पर उच्च गुणवता पूर्ण सेवाएं अपने सदस्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाएं। श्री गंगानगर जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक सहकारी समिति को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहकारिता के मॉडल का ही कमाल है कि ‘‘सरकार आपके द्वार’’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने उदयपुर संभाग में डूंगरपुर के टामटिया लेम्पस का दौरा किया था। श्रीमती राजे ने लेम्पस के सुपर मार्केट शैली की बेहद प्रशंसा की थी और वहीं से प्रदेश में अन्नपूर्णा भण्डार योजना को लागू करने का आइडिया मिला था। और आज प्रदेश में अन्नपूर्णा भण्डार योजना सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है। हाईटेक सुपर मार्केट: स्थानीय आवश्यकताओं के मद्देनजर ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा की जा रही पहल से सहकारिता के आन्दोलन को मजबूती मिल रही है। इसी कड़ी में श्री गंगानगर जिले की सहकारी समितियों ने नवाचार के द्वारा गांवों में सुपर मार्केट, फास्ट फूड सेंटर एवं जिम जैसी सुविधाओं को साकार किया है। जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियाँ ग्रामीणों को शहरी सुविधाओं की तर्ज पर ये सुविधायें उपलब्ध करवा रही हैं। पदमपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्र के लिंक रोड पर स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति-चार जेजे ने सुपर मार्केट डिपार्टमेंटल स्टोर और फास्ट फूड रेस्टोरेंट स्थापित किया है। ये सुपर मार्केट पूर्णतया कम्प्यूटराइज्ड है। 400 की जनसंख्या वाले गांव में स्टोर पर प्रति माह लगभग 3.22 लाख रुपए की बिक्री हो रही है। समस्त बिलिंग बार-कोडिंग से की जा रही है। को-ऑपरेटिव जिम्नेजियम: समिति ने अपने स्तर पर जिम की सुविधा भी प्रारम्भ की है, जिससे ग्रामीण युवाओं में खेलों के प्रति रूझान बढ़ा है। इस सुविधा से युवाओं को नशे की लत से छुटकारा मिलने के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के विकास में योगदान मिल रहा है। ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित ट्रेनर की देखरेख में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह 24 एपीडी (बांडा) ग्राम सेवा सहकारी समिति जिम की सुविधा उपलब्ध करा रही है। समिति द्वारा स्थापित आधुनिक जिम के प्रति युवाओं का रूझान बढ रहा है। फिलहाल 65 युवा सुबह-शाम जिम आ रहे है। को-ऑपरेटिव सिलाई केन्द्र:- महिलाओं को आर्थिक रूप से सषक्त बनाने के लिए उनको सिलाई कढ़ाई के प्रषिक्षण देने के लिए सिलाई केन्द्र की स्थापना की गई है। सिलाई केन्द्र पर सूटों की कटिंग, सिलाई एवं कढ़ाई भी सिखाई जा रही है। को-ऑपरेटिव कृषि यंत्रालय: 24 एपीडी (बांडा) ग्राम सेवा सहकारी समिति ने मिनी बैंक, मिनी सुपर मार्केट की सुविधा के साथ-साथ कृषि यंत्रों को किराये से देने की सुविधा दी है। समिति ट्रोली, रोटावेटर, डिस्क, बुवाई ड्रिल, तोताहल सहित अन्य कृषि यन्त्र प्रति घण्टा किराये पर उपलब्ध करा रही है। समिति के इस प्रयास से किसानों को मंहगें कृषि यंत्र खरीदने, उनके मंहगें रख-रखाव आदि से छुटकारा मिला है। अनेक कृषि यंत्र तो साल में एक या दो बार ही उपयोग में आते है जिन्हें खरीद कर रखना किसान के लिए बेहद खर्चीला एवं असुविधाजनक होता है। वास्तव में समिति के इस नवाचार से क्षेत्र के किसानों की कृषि लागत में कमी आई है। साथ ही लघु एवं सीमान्त किसान भी उन्नत तकनीक के कृषि यंत्रों का उपयोग कर रहे हैं। इस योजना से प्रतिवर्ष 275-300 कृषक लाभान्वित हो रहे है। समितियों को समग्र सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) के तहत अनुदान दिया जा रहा है। जिसमें चार जेजे समिति को 15.20 लाख रुपए तथा 24 एपीडी समिति को 19 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई है। ताकि वे नवाचारों के माध्यम से ग्रामीणों की स्थानीय आवष्यकताओं को समायोजित कर बेहतर सुविधा दे सके। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक का कहना है कि राज्य की अन्य ग्राम सेवा सहकारी समितियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि समितियों के द्वारा दी जा रही सुविधाओं का विस्तार हो सके तथा ज्यादा से ज्यादा नागरिक लाभान्वित हो सकें।
 
 
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